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न्यू पेंशन स्कीम के फायदे गिनाने की अधिकारियों ने बनाई योजना, सीएम देखेंगे प्रजेंटेशन

Sun, 21 Oct 2018 10:49 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 21 Oct 2018 10:49 AM IST
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officers are planning to project a presentation on new pension scheme to cm yogi
पेंशन फंड

न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) में शामिल कार्मिक पुरानी पेंशन पाने वाले अपने समकक्ष कार्मिकों से ज्यादा राशि पाएंगे। बशर्ते, योजना में शामिल लोग बेहतर वित्तीय प्रबंधन कर सकें। प्रदेश सरकार ने वित्त विशेषज्ञों की एक टीम से इसका पूरा विश्लेषण करा लिया है।

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जल्द ही सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने इसका प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। इसके बाद कर्मचारियों, शिक्षकों और अधिकारियों के बीच एनपीएस के बारे में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
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पुरानी पेंशन स्कीम : अधिकतम 40872 रुपये प्रति महीने की व्यवस्था
वित्त विभाग के विशेषज्ञों ने राज्य सरकार के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर मिलने वाली राशि व पेंशन की गणना करते हुए प्रस्तुतीकरण तैयार किया है। इसके अनुसार, पुरानी पेंशन स्कीम में शामिल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को सेवानिवृत्ति पर प्रतिमाह 27100 रुपये पेंशन 9 प्रतिशत डीए के साथ मिलती है।
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इस तरह उसे प्रतिमाह कुल 29539 रुपये पेंशन मिलती है। इसके अलावा उसे एकमुश्त 16 लाख रुपये मय ब्याज जीपीएफ मिलता है। अगर कर्मचारी जीपीएफ की पूरी रकम बैंक में जमा कर दे तो उसे प्रतिमाह इस पर 8 प्रतिशत की दर से 11333 रुपये प्रतिमाह ब्याज मिलेगा। अगर पेंशन और जीपीएफ पर ब्याज को जोड़ दिया जाए तो यह राशि 40872 रुपये प्रतिमाह बनती है।

एनपीएस : उसी कर्मचारी को हर माह मिलेंगे 42024 रुपये

न्यू पेंशन स्कीम के खाते में एक चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी का पूरे सेवाकाल में 26 लाख 35 हजार 459 रुपये जमा होता है। इसमें आधी राशि सरकार का अंश होती है। सेवाकाल में मिली इस राशि पर न्यूनतम 8 प्रतिशत सालाना रिटर्न जोड़ा जाए तो सेवानिवृत्ति पर कुल राशि 63 लाख 3 हजार 611 रुपये बनी।

इसमें से रिटायर होने वाले कर्मचारी को 60 प्रतिशत राशि एकमुश्त दे दी जाती है, जबकि 40 प्रतिशत राशि पर पेंशन बनती है। यानी 37 लाख 82 हजार 167 रुपये एकमुश्त मिलते हैं। शेष 25 लाख 21 हजार 444 रुपये पर पेंशन बनती है।

सेवानिवृत्त होने वाला कर्मचारी यदि दोनों मदों में मिली राशि बैंक में जमा कर देता है तो न्यूनतम 8 प्रतिशत ब्याज मिलने पर एकमुश्त जमा राशि (60 प्रतिशत) पर 25212 रुपये और पेंशन मद (40 प्रतिशत) में जमा राशि पर 16810 रुपये प्रतिमाह ब्याज मिलेगा। दोनों को मिला दें तो 42024 रुपये हर महीने मिलेंगे।

फैमिली पेंशन के लिहाज से भी एनपीएस फायदेमंद

पुरानी पेंशन स्कीम में शामिल सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का निधन होने पर उसकी पत्नी को 9 प्रतिशत डीए के साथ पेंशन की कुल राशि 29056 रुपये मिलेंगे। बशर्ते कर्मचारी ने जीपीएफ का 16 लाख रुपये न निकाला हो। वहीं, न्यू पेंशन स्कीम में पत्नी को भी पहले की तरह 42024 रुपये हर महीने मिलते रहेंगे। पुरानी पेंशन स्कीम में जहां पत्नी की भी मृत्यु होने पर 25 साल की उम्र पार चुके बच्चों की फैमिली पेंशन बंद हो जाती है, वहीं न्यू पेंशन स्कीम में यह 25 साल बाद भी जारी रहेगी।

दूर की जाएंगी एनपीएस की विसंगतियां

शासन के उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि वित्त विभाग के विशेषज्ञ शीघ्र ही न्यू पेंशन स्कीम और पुरानी पेंशन स्कीम की तुलनात्मक गणना का प्रस्तुतीकरण सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने रखेंगे। वहीं, एनपीएस की विसंगतियों को दूर करने का सुझाव भी देंगे। इसमें पुरानी पेंशन स्कीम की तरह राशि का डबल एकाउंटिंग सिस्टम न होना और पुरानी देयता का जमा न होना आदि प्रमुख हैं। डबल एकाउंटिंग सिस्टम में कर्मचारी और सरकारी अधिकारी कभी भी जीपीएफ में जमा राशि चेक कर सकते हैं। हालांकि एनपीएस में फंड का रखरखाव करने वाली संस्था से जानकारी ले पाना टेढ़ी खीर है।

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