अफसरो को नहीं चाहिए अखिलेश का साथ
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लगता है यूपी के अफसरों को भी मुख्यमंत्री अखिलेश का नेतृत्व पसंद नहीं, इसे पढ़कर लगता तो यही है।
गरीबों को मदद के लिए शुरू की गई समाजवादी पेंशन योजना में निकाय अफसर रुचि नहीं ले रहे हैं। स्थिति यह है कि फॉर्मों के सत्यापन और पात्रों की सूची निकाय निदेशालय को अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।
स्थानीय निकाय निदेशक पीके सिंह ने इस पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने नगर आयुक्तों और अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि तीन दिन के अंदर निदेशालय को पूरी वस्तु स्थिति बताई जाए।
प्रदेश के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों को समाजवादी पेंशन योजना का लाभ अप्रैल 2014 से देने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के पात्रों को प्रति माह 500 रुपये मिलेगा तथा हर साल इसमें 50 रुपये की वृद्धि होगी। इस मद में अधिकतम 750 रुपये देने की व्यवस्था है।
40 लाख लोगों को होगा फायदा
इसमें अनुसूचित जाति- जनजाति के 12 लाख, अल्पसंख्यक वर्ग के 10 लाख तथा सामान्य व अन्य पिछड़ा वर्ग के 18 लाख गरीबों को लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है।
शहरी क्षेत्रों में निकायों को नोडल विभाग बनाया गया है, लेकिन निकाय अधिकारी इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। स्थानीय निकाय निदेशक ने नगर निगम, पालिका परिषद व नगर पंचायतों से पूछा है कि किसको कितना लक्ष्य दिया गया है।
उनके यहां कितने आवेदन प्राप्त हुए और इसमें से कितने सत्यापित हो चुके हैं। इसमें से पात्रों व अपात्रों की संख्या क्या है। सूची प्रकाशित होने के बाद कितनी आपत्तियां प्राप्त हुई हैं तथा जिला स्तर पर गठित समिति से कितनों का अनुमोदन कराया जा चुका है।
निकाय अधिकारियों से तीन दिन के अंदर पूरा ब्यौरा मांगा गया है। समय से जानकारी न देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।