फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   office head of R Sons Infraland company arrested in lucknow

आर संस इन्फ्रालैंड कंपनी का ऑफिस हेड गिरफ्तार, वेश बदलकर घूम रहा था शातिर

Wed, 18 Dec 2019 01:51 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 18 Dec 2019 01:51 PM IST
विज्ञापन
office head of R Sons Infraland company arrested in lucknow
आरोपी सुशील - फोटो : अमर उजाला

आसान किस्तों पर प्लॉट का झांसा देकर 500 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ठगकर भागी रीयल एस्टेट कंपनी आर संस इन्फ्रालैंड डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड का एक और शातिर सुशील कुमार श्रीवास्तव सोमवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

विज्ञापन


इंस्पेक्टर अमित कुमार दुबे ने बताया कि सुशील कंपनी के एमडी आशीष कुमार श्रीवास्तव का साला है और अयोध्या रोड स्थित सहारा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में कंपनी के ऑफिस का हेड था। सुशील से पहले पुलिस कंपनी के एमडी आशीष कुमार श्रीवास्तव, उसके भांजे तरुण सिन्हा समेत चार लोगों को पकड़कर जेल भेज चुकी है।
विज्ञापन


इंस्पेक्टर ने बताया कि सुशील कुमार श्रीवास्तव मूलरूप से अयोध्या के सिंगारहाथ स्थित रामगंज का रहने वाला है। उसके खिलाफ गोमतीनगर थाना में दो मुकदमे दर्ज हैं। सोमवार को उसके पॉलिटेक्निक चौराहा के आसपास होने की जानकारी पाकर वरिष्ठ उपनिरीक्षक अमर नाथ, उपनिरीक्षक रमेश कुमार पटेल और आरक्षी शमशेर बहादुर मौके पर पहुंचे और घेराबंदी कर ली।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुशील के थाना पहुंचते ही आर संस कंपनी के सैकड़ों निवेशक वहां पहुंच गए। निवेशकों की लड़ाई लड़ रहे रितेश गुप्ता ने सुशील से लोगों की बातचीत भी कराई। इंस्पेक्टर ने बताया कि इससे पूर्व कंपनी के एमडी आशीष कुमार श्रीवास्तव, कंपनी में तीसरे नंबर की हैसियत रखने वाले एमडी के भांजे तरुण सिन्हा को पकड़ा गया था।

कंपनी के एमडी के ड्राइवर को भी जेल भेजा जा चुका है

मूलरूप से जौनपुर निवासी तरुण सिन्हा ऑफिस प्रबंधक होने के साथ ही प्लॉट के नाम पर वसूले गए रुपयों और ग्राहकों की संख्या का रिकॉर्ड मेनटेन रखता था। कंपनी के एमडी के ड्राइवर बाराबंकी निवासी रामसेवक व एक अन्य आरोपी सुनील पांडेय को भी पकड़कर जेल भेजा जा चुका है।

कंपनी ने देवा रोड, गोसाईंगंज और रहमतमनगर में जीवनदीप सिटी व प्रखर सिटी के नाम से योजनाओं का झांसा देकर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के लोगों से 500 करोड़ रुपये से अधिक रुपयों की ठगी की थी। कंपनी के एमडी व अन्य अधिकारियों पर गोमतीनगर समेत कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं।

ठग आशीष ने लखनऊ में गोमतीनगर के अलावा गोरखपुर, अयोध्या, कुशीनगर, बलिया, आजमगढ़, वाराणसी और गाजीपुर में भी ऑफिस खोलकर ठगी का धंधा किया।
 

इन लोगों की तलाश जारी

कंपनी की ठगी के शिकार रितेश गुप्ता ने बताया कि पुलिस का दबाव बढ़ाने पर सुशील कुमार श्रीवास्तव वेश बदलकर घूम रहा था। उसने बाल छोटे करा लिए थे और फ्रेंच कट दाढ़ी रख ली थी। वह गोंडा भागने की तैयारी में था, तभी पकड़ लिया गया।

इनकी तलाश जारी
तबस्सुम, उसकी बहन तरन्नुम, तरुण सिन्हा, अंकुर श्रीवास्तव, चेतन श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, अरुण श्रीवास्तव, शिखा श्रीवास्तव, गोरखपुर निवासी मुकेश शाही, प्रीति शाही, सुनील पांडेय, प्रवीण कुमार पांडेय, दिलीप कुमार पांडेय, अखंड बाजपेयी।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed