आर संस इन्फ्रालैंड कंपनी का ऑफिस हेड गिरफ्तार, वेश बदलकर घूम रहा था शातिर
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आसान किस्तों पर प्लॉट का झांसा देकर 500 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ठगकर भागी रीयल एस्टेट कंपनी आर संस इन्फ्रालैंड डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड का एक और शातिर सुशील कुमार श्रीवास्तव सोमवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
इंस्पेक्टर अमित कुमार दुबे ने बताया कि सुशील कंपनी के एमडी आशीष कुमार श्रीवास्तव का साला है और अयोध्या रोड स्थित सहारा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में कंपनी के ऑफिस का हेड था। सुशील से पहले पुलिस कंपनी के एमडी आशीष कुमार श्रीवास्तव, उसके भांजे तरुण सिन्हा समेत चार लोगों को पकड़कर जेल भेज चुकी है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि सुशील कुमार श्रीवास्तव मूलरूप से अयोध्या के सिंगारहाथ स्थित रामगंज का रहने वाला है। उसके खिलाफ गोमतीनगर थाना में दो मुकदमे दर्ज हैं। सोमवार को उसके पॉलिटेक्निक चौराहा के आसपास होने की जानकारी पाकर वरिष्ठ उपनिरीक्षक अमर नाथ, उपनिरीक्षक रमेश कुमार पटेल और आरक्षी शमशेर बहादुर मौके पर पहुंचे और घेराबंदी कर ली।
सुशील के थाना पहुंचते ही आर संस कंपनी के सैकड़ों निवेशक वहां पहुंच गए। निवेशकों की लड़ाई लड़ रहे रितेश गुप्ता ने सुशील से लोगों की बातचीत भी कराई। इंस्पेक्टर ने बताया कि इससे पूर्व कंपनी के एमडी आशीष कुमार श्रीवास्तव, कंपनी में तीसरे नंबर की हैसियत रखने वाले एमडी के भांजे तरुण सिन्हा को पकड़ा गया था।
कंपनी के एमडी के ड्राइवर को भी जेल भेजा जा चुका है
मूलरूप से जौनपुर निवासी तरुण सिन्हा ऑफिस प्रबंधक होने के साथ ही प्लॉट के नाम पर वसूले गए रुपयों और ग्राहकों की संख्या का रिकॉर्ड मेनटेन रखता था। कंपनी के एमडी के ड्राइवर बाराबंकी निवासी रामसेवक व एक अन्य आरोपी सुनील पांडेय को भी पकड़कर जेल भेजा जा चुका है।
कंपनी ने देवा रोड, गोसाईंगंज और रहमतमनगर में जीवनदीप सिटी व प्रखर सिटी के नाम से योजनाओं का झांसा देकर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के लोगों से 500 करोड़ रुपये से अधिक रुपयों की ठगी की थी। कंपनी के एमडी व अन्य अधिकारियों पर गोमतीनगर समेत कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं।
ठग आशीष ने लखनऊ में गोमतीनगर के अलावा गोरखपुर, अयोध्या, कुशीनगर, बलिया, आजमगढ़, वाराणसी और गाजीपुर में भी ऑफिस खोलकर ठगी का धंधा किया।
इन लोगों की तलाश जारी
इनकी तलाश जारी
तबस्सुम, उसकी बहन तरन्नुम, तरुण सिन्हा, अंकुर श्रीवास्तव, चेतन श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, अरुण श्रीवास्तव, शिखा श्रीवास्तव, गोरखपुर निवासी मुकेश शाही, प्रीति शाही, सुनील पांडेय, प्रवीण कुमार पांडेय, दिलीप कुमार पांडेय, अखंड बाजपेयी।