यूपी: पुलिस में 10 दिन काम करने पर एक ऑफ की सुविधा शुरू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस क्रम में पहला ऑफ 11 सितंबर को दिया जाएगा। हालांकि इसके लिए रोस्टर बनाने की जिम्मेदारी थाना इंचार्ज को सौंपी गई है। आदेश लागू होने से फील्ड में तैनात करीब 1.36 लाख पुलिस कर्मियों को फायदा मिलेगा।
दरअसल, सीएम अखिलेश यादव ने जन्माष्टमी के मौके पर नान गजटेड पुलिस कर्मियों को 10 दिन में एक अवकाश देने की घोषणा की थी। इसी क्रम में जारी सर्कुलर में कहा गया है कि इस अवकाश के दौरान पुलिस कर्मी जिले के बाहर नहीं जाएंगे।
आकस्मिक स्थिति में यह ऑफ निरस्त भी किया जा सकता है। थाना प्रभारी व ट्रैफिक प्रभारियों के ऑफ का निर्णय संबंधित जिले के पुलिस कप्तान करेंगे। सर्किल अफसरों को यह व्यवस्था लागू कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों के पुलिस कर्मियों की दो घंटे पहले होगी रवानगी
सर्कुलर में सीएल व ईएल लेने वाले ग्रामीण क्षेत्र के पुलिस कर्मियों की थाने एवं चौकियों से रवानगी शाम छह बजे होगी, जबकि शहरी क्षेत्रों में पुलिस कर्मियों की यह रवानगी रात आठ बजे होगी। अब तक यह रवानगी अवकाश लेने से एक दिन पहले दोपहर 12 बजे हो जाती थी। अवकाश के बाद ग्रामीण क्षेत्र के पुलिस कर्मियों को अगले दिन सुबह 10 बजे थाने चौकी में आमद दर्ज करानी होगी।
फोर्स की कमी से फिलहाल नहीं है वैकल्पिक व्यवस्था
इस समय सूबे में सिविल पुलिस, ट्रैफिक व जीआरपी में सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर के करीब 1.70 लाख पुलिस कर्मी तैनात हैं। इनमें फील्ड ड्यूटी में करीब 1.36 लाख पुलिस कर्मी लगे हुए हैं। 10 दिनों बाद एक ऑफ देने पर पुलिस कर्मियों की कमी दूर करने की फिलहाल कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। जितने पुलिस कर्मी बचेंगे उन्हीं से काम लिया जाएगा।
डायल-100 परियोजना शुरू होने के बाद बढ़ेगी मुसीबत
डायल-100 परियोजना दो अक्तूबर से शुरू हो रही है। इसमें रनिंग गाड़ियों में स्टाफ थाने से ही लगाया जाएगा। ऐसे में सरकार को इन्हें भी 10 दिनों में एक वीकली ऑफ देना होगा। पहले से पुलिस कर्मियों की कमी झेल रही सरकार की इससे मुसीबत और बढ़ जाएगी। यदि डायल-100 के वाहन चालक व स्टाफ को छुट्टी दे दी तो वाहन ही खड़े हो जाएंगे।