सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक लिखा तो लगेगा रासुका
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फैजाबाद में शनिवार रात फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट से हुए बवाल से सबक लेते हुए सरकार ने सोशल नेटवर्किंग साइटों पर धार्मिक उन्माद फैलाने वाली आपत्तिजनक तस्वीरें और मैसेज पोस्ट करने वालों पर अब रासुका लगाने का फैसला किया है। आरोपियों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्हें छह महीने के लिए जिला बदर कर दिया जाएगा।
पुलिस महानिदेशक एके जैन ने रविवार को इस बारे में सख्त निर्देश दिए हैं। डीजीपी जैन ने खबरनवीसों को बताया कि सोशल नेटवर्किंग साइट पर किसी भी सम्प्रदाय से जुड़ी आपत्तिजनक तस्वीर को पोस्ट करने वालों को पकड़ने की जिम्मेदारी स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को सौंपी गई है। एसटीएफ के अलावा पश्चिमी यूपी में डीआईजी मेरठ की निगरानी में एक सेल का गठन किया गया है।
दोनों स्तर से प्रदेश भर में इस तरह के मामलों पर निगरानी रखी जाएगी। सर्विलांस सेल की मदद से उस आईडी को ट्रेस किया जाएगा, जहां से इसकी शुरुआत होगी। इसके लिये उन्होंने प्रदेश भर के आईजी, डीआईजी और एसएसपी को निदेश भेज दिए हैं। किसी भी सूरत में दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा।
डीजीपी के मुताबिक, उन लोगों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी, जो इस तरह के आपत्तिजनक तस्वीरों व मैसेज पर लाइक या कमेंट करते हैं और इसे अपनी आईडी से आगे प्रसारित करते हैं।
फैजाबाद में बढ़ गया था सांप्रदायिक तनाव
उन्होंने बताया कि फैजाबाद में शनिवार की रात सोशल नेटवर्किंग साइट पर ऐसी ही एक तस्वीर पोस्ट करने के बाद साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। इसी के बाद यह कड़े कदम उठाए गए हैं। इस तरह के लोगों को साम्प्रदायिक गुंडा की श्रेणी में रखा जाएगा। वे खुद भी इस तरह के मामलों में विशेष निगरानी करेंगे।
मेरठ में बन रही है पहली सोशल मीडिया लैब
सोशल मीडिया पर निगरानी रखने के लिए प्रदेश सरकार मेरठ में सूबे की पहली सोशल मीडिया लैब स्थापित कर रही है। इसमें सोशल मीडिया पर डलने वाले आपत्तिजनक पोस्ट का पोस्टमार्टम किया जाएगा। इसमें यह देखा जाएगा कि आपत्तिजनक पोस्ट किसने डाला है। इसके बाद इसे कितने लोगों ने आगे फारवर्ड किया है। इसी के अनुसार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
डेमोक्रेसी का कर रहे बेजा इस्तेमाल
डीजीपी एके जैन ने कहा कि कुछ लोग धार्मिंक उन्माद फैलाने की नीयत से बहुत ही बेहूदा पोस्ट डालते हैं। इससे समाज में धार्मिंक तनाव पैदा होता है। इस तरह का काम करने वालों पर अब पुलिस सख्ती से निपटेगी।
इसलिए इन व्यक्तियों पर सामान्य धाराओं के साथ ही रासुका व गुंडा एक्ट की धाराएं भी लगाने के लिए कहा गया है। फ्रीडम ऑफ स्पीच का गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे लोगों को सांप्रदायिक गुंडा ही माना जाएगा।