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Lucknow News: डीन के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे नर्सिंग छात्र-छात्राएं
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डीन के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे नर्सिंग छात्र-छात्राएं।
लखनऊ। केजीएमयू की नर्सिंग छात्रा की मौत के बाद साथी छात्र-छात्राओं का आक्रोश मंगलवार को भी शांत नहीं हुआ। दूसरे दिन उन्होंने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। वे नर्सिंग कॉलेज की डीन के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद से वार्ता के बाद छात्र-छात्राओं ने शाम करीब पांच बजे प्रदर्शन खत्म कर दिया।
छात्राओं के मुताबिक, बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा वाराणसी निवासी दिव्यांशी 11 सितंबर से बुखार से पीड़ित थी। उसकी डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद भी उसे छुट्टी नहीं मिली। इसके बाद उसके माता-पिता उसे वाराणसी ले गए थे, जहां एक निजी अस्पताल में 19 सितंबर को उसकी मौत हो गई थी। छात्राओं का आरोप है कि बीमार होने पर भी उन्हें अवकाश नहीं दिया जाता है। ओपीडी से लेकर वार्ड तक में ड्यूटी लगाई जाती है। नर्सिंग हॉस्टल की बदइंतजामी की शिकायतें कई बार की गई थीं, लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। हॉस्टल में बीमारी फैल रही है, जिस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। सोमवार को विरोध बढ़ने पर नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल ने इस्तीफा दे दिया था। मंगलवार को भी प्रदर्शन जारी रहा। इस कारण केजीएमयू में दिन भर अफरातफरी का माहौल रहा।
हंगामा बढ़ता देख केजीएमयू प्रशासन की ओर से प्रतिकुलपति डॉ. अंजू अग्रवाल, डीन पैरामेडिकल साइंसेज डॉ. केके सिंह और नर्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप गंगवार प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे। तीनों ने प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं से बातचीत की। इसके बाद कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने भी 20 छात्र-छात्राओं के प्रतिनिधिमंडल को बोर्ड रूम में बुलाकर बात की।
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कुलपति ने छात्रों से धरना समाप्त कर पढ़ाई शुरू करने की अपील की। बताया कि बुधवार सुबह आठ बजे से कक्षाएं शुरू होनी हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति की अपील पर सहमति जताई। बाद में डॉ. केके सिंह और प्रदीप गंगवार ने धरनास्थल पर पहुंचकर छात्रों को बैठक के फैसलों की जानकारी दी। इसके बाद शाम पांच बजे छात्रों ने धरना खत्म कर दिया।
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छात्राओं के मुताबिक, बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा वाराणसी निवासी दिव्यांशी 11 सितंबर से बुखार से पीड़ित थी। उसकी डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद भी उसे छुट्टी नहीं मिली। इसके बाद उसके माता-पिता उसे वाराणसी ले गए थे, जहां एक निजी अस्पताल में 19 सितंबर को उसकी मौत हो गई थी। छात्राओं का आरोप है कि बीमार होने पर भी उन्हें अवकाश नहीं दिया जाता है। ओपीडी से लेकर वार्ड तक में ड्यूटी लगाई जाती है। नर्सिंग हॉस्टल की बदइंतजामी की शिकायतें कई बार की गई थीं, लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। हॉस्टल में बीमारी फैल रही है, जिस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। सोमवार को विरोध बढ़ने पर नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल ने इस्तीफा दे दिया था। मंगलवार को भी प्रदर्शन जारी रहा। इस कारण केजीएमयू में दिन भर अफरातफरी का माहौल रहा।
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हंगामा बढ़ता देख केजीएमयू प्रशासन की ओर से प्रतिकुलपति डॉ. अंजू अग्रवाल, डीन पैरामेडिकल साइंसेज डॉ. केके सिंह और नर्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप गंगवार प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे। तीनों ने प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं से बातचीत की। इसके बाद कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने भी 20 छात्र-छात्राओं के प्रतिनिधिमंडल को बोर्ड रूम में बुलाकर बात की।
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कुलपति ने छात्रों से धरना समाप्त कर पढ़ाई शुरू करने की अपील की। बताया कि बुधवार सुबह आठ बजे से कक्षाएं शुरू होनी हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति की अपील पर सहमति जताई। बाद में डॉ. केके सिंह और प्रदीप गंगवार ने धरनास्थल पर पहुंचकर छात्रों को बैठक के फैसलों की जानकारी दी। इसके बाद शाम पांच बजे छात्रों ने धरना खत्म कर दिया।