यूपी की जेलों में ठेलम-ठेल: बंदियों की तादाद कुल क्षमता से 173 प्रतिशत अधिक, अधिकारी और स्टाफ 30 प्रतिशत कम
डीआईजी कारागार के सात विभागीय पदों में से छह रिक्त चल रहे हैं। विभाग में वरिष्ठ अधीक्षक ग्रेड-2 के दस अधिकारियों की आवश्यकता है जबकि, पदोन्नति के अभाव में पांच पद रिक्त चल रहे हैं।
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कारागार विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी का सिलसिला जारी है। जेलों में बंदियों की तादाद कुल क्षमता से 173 प्रतिशत अधिक है जबकि अधिकारियों एवं स्टाफ की तादाद करीब 30 प्रतिशत कम है। करीब एक माह का वक्त बीतने के बाद भी डीआईजी के तीन पदों पर आईपीएस की तैनाती भी नहीं की गयी है। इसी तरह पदोन्नति नहीं होने की वजह से विभागीय अधिकारियों से भरे जाने वाले कई पद भी रिक्त चल रहे हैं।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, अपर महानिरीक्षक कारागार के दो विभागीय पद पदोन्नति न होने से रिक्त हैं। इसी तरह पदोन्नति न होने से डीआईजी कारागार के सात विभागीय पदों में से छह रिक्त चल रहे हैं। विभाग में वरिष्ठ अधीक्षक ग्रेड-2 के दस अधिकारियों की आवश्यकता है जबकि, पदोन्नति के अभाव में पांच पद रिक्त चल रहे हैं। इसी तरह अधिशासी अभियंता और निदेशक कारागार का एक-एक पद भी रिक्त है। वहीं कारागार अधीक्षक के 72 स्वीकृत पदों में से 23 रिक्त हैं। हालांकि सीधी भर्ती के जरिए 20 पदों को भरने का भर्ती प्रस्ताव लोक सेवा आयोग को भेजा जा चुका है।
ये पद भी हैं रिक्त
पदनाम स्वीकृत पद रिक्त पद
कारापाल 98 04
उप कारापाल 292 128
जेल हेड वार्डर 1589 71
जेल वार्डर 7815 2068
चिकित्साधिकारी 153 36
फार्मासिस्ट 149 89