{"_id":"66550f7768b32bd8e2059db4","slug":"now-treatment-will-also-be-done-through-ayurvedic-method-in-aiims-raebareli-news-c-101-1-slko1033-114885-2024-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: एम्स में अब आयुर्वेदिक विधि से भी होगा इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: एम्स में अब आयुर्वेदिक विधि से भी होगा इलाज
Tue, 28 May 2024 04:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 28 May 2024 04:25 AM IST
विज्ञापन
रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में सोमवार से आयुर्वेद विधि से भी मरीजों का इलाज शुरू हो गया। निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी ने आयुष ओपीडी का फीता काटकर शुभारंभ किया। जल्द ही मरीजों को भर्ती करने के लिए 30 बेडों की व्यवस्था होगी। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के आयुर्वेद विभाग में छह साल तक सेवा देने वाले डॉ. हरि कृष्ण पारीक लोगों का आयुर्वेदिक चिकित्सा विधि से इलाज करेंगे।
एम्स में सोमवार से एलोपैथी के साथ भारतीय चिकित्सा पद्धति (आयुर्वेद) के माध्यम से भी मरीजों को चिकित्सीय सुविधा मिलनी शुरू हो गई। निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी ने कहा कि जल्द ही मरीजों को भर्ती करने के लिए 30 बेडों की व्यवस्था कराई जाएगी। मधुमेह, मानसिक और नसों के रोगों (न्यूरोलॉजी) में एलोपैथी और आयुर्वेद दोनों चिकित्सा पद्धतियों से उच्च स्तरीय शोध कार्य भी किए जाएंगे।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुयश सिंह ने बताया कि दोनों चिकित्सा पद्धतियों के सम्मिलित सहयोग से हम गंभीर बीमारियों और खराब जीवन शैली जनित रोगों में से मरीजों को लाभान्वित करेंगे। इस मौके पर उपनिदेशक एसके सिंह, संकाय प्रमुख प्रो. नीरज कुमारी, प्रशासनिक अधिकारी कुंवर योगेश्वर सिंह, वित अधिकारी कर्नल यूएन राय, रजिस्ट्रार प्रो. भोलानाथ, प्रगति गर्ग, अरविंद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
वैज्ञानिक शोध आधारित होगा इलाज : डॉ.पारीक
आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. हरि कृष्ण पारीक ने बताया कि आयुर्वेद चिकित्सा में अब नाड़ी के माध्यम से त्वचा के रोग, सफेद दाग, मधुमेह, पुरुषों और महिलाओं के रोगों, लकवा, जोड़ों के दर्द, पेट, लिवर, फेंफड़े, किडनी के रोगों में चिकित्सा का लाभ मिलेगा। सभी बीमारियों की चिकित्सा में पंचकर्म व पंचगव्य चिकित्सा के साथ वैज्ञानिक शोध आधारित इलाज किया जाएगा।
विज्ञापन
एम्स में सोमवार से एलोपैथी के साथ भारतीय चिकित्सा पद्धति (आयुर्वेद) के माध्यम से भी मरीजों को चिकित्सीय सुविधा मिलनी शुरू हो गई। निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी ने कहा कि जल्द ही मरीजों को भर्ती करने के लिए 30 बेडों की व्यवस्था कराई जाएगी। मधुमेह, मानसिक और नसों के रोगों (न्यूरोलॉजी) में एलोपैथी और आयुर्वेद दोनों चिकित्सा पद्धतियों से उच्च स्तरीय शोध कार्य भी किए जाएंगे।
विज्ञापन
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुयश सिंह ने बताया कि दोनों चिकित्सा पद्धतियों के सम्मिलित सहयोग से हम गंभीर बीमारियों और खराब जीवन शैली जनित रोगों में से मरीजों को लाभान्वित करेंगे। इस मौके पर उपनिदेशक एसके सिंह, संकाय प्रमुख प्रो. नीरज कुमारी, प्रशासनिक अधिकारी कुंवर योगेश्वर सिंह, वित अधिकारी कर्नल यूएन राय, रजिस्ट्रार प्रो. भोलानाथ, प्रगति गर्ग, अरविंद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
वैज्ञानिक शोध आधारित होगा इलाज : डॉ.पारीक
आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. हरि कृष्ण पारीक ने बताया कि आयुर्वेद चिकित्सा में अब नाड़ी के माध्यम से त्वचा के रोग, सफेद दाग, मधुमेह, पुरुषों और महिलाओं के रोगों, लकवा, जोड़ों के दर्द, पेट, लिवर, फेंफड़े, किडनी के रोगों में चिकित्सा का लाभ मिलेगा। सभी बीमारियों की चिकित्सा में पंचकर्म व पंचगव्य चिकित्सा के साथ वैज्ञानिक शोध आधारित इलाज किया जाएगा।