फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   now trains will not be late with this new initiative

अब ट्रेनें नहीं होंगी लेट, पूर्वोतर रेलवे ने बोगी में ही फिट कराए गार्ड बॉक्स

Sun, 10 Feb 2019 03:58 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 10 Feb 2019 03:58 PM IST
विज्ञापन
now trains will not be late with this new initiative
ट्रेनों में लगाए गए गार्ड बॉक्स - फोटो : amar ujala
गार्ड बॉक्स की वजह से ट्रेनें अब लेटलतीफी की शिकार नहीं होंगी। न ही गार्डों को बॉक्स ढोकर अपनी बोगी तक ले जाने पड़ेंगे। उनकी सुविधा के लिए ट्रेन में ही डॉक बॉक्स बना दिए गए हैं, जिसमें गार्ड का सारा सामान लॉक किया जा रहा है। ड्यूटी पर जाने से पहले उन्हें बॉक्स की चाभी मिल जाती है और ड्यूटी ऑफ होने पर वह चाभी ले ली जाती है।
विज्ञापन


यह अनूठी पहल पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की ओर से शुरू की गई है। मंडल की वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक डॉ. वीणा वर्मा ने यह प्रयास शुरू किया है। इसके तहत पूर्वोत्तर रेलवे की 22 ट्रेनों में ये बॉक्स फिट करवा दिए गए हैं। डॉ. वीणा वर्मा ने बताया कि ट्रेनों की रवानगी से पहले गार्ड को अपना बक्सा ले जाना पड़ता था। इस बॉक्स में पटाखा, झंडियां, टॉर्च व अन्य इमरजेंसी से जुड़े सामान होते हैं। चूंकि, बॉक्स का वजन 30-40 किलो तक होता था, इसलिए इसे ढोकर बोगी तक ले जाना और ड्यूटी केबाद उतारकर नीचे लाना मुश्किल होता है। कई बार बॉक्स प्लेटफॉर्म पर ही छूट जाते थे, जिससे लोग चोटिल भी होते थे और ट्रेनें में भी देरी की शिकार होती थीं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। 
विज्ञापन


गार्डों को बॉक्स ढोने की जरूरत नहीं होगी। उनकी बोगी में ही बॉक्स को फिट करवा दिया गया है। इस अलमारी सरीखे डॉक में बॉक्स का सारा सामान रहता है, जिसकी चाभी गार्ड को ड्यूटी पर जाने से पहले दे दी जाती है और सामान चेक करवा दिया जाता है। इसके अतिरिक्त जब ड्यूटी से रिलीव होता है तो वह चाभी ले ली जाती है और दूसरे गार्ड को दे दी जाती है। इससे समय की बचत हो रही है। उन्होंने बताया कि पहले चरण में मैलानी-बहराइच रूट की ट्रेनों में इसे लगवाया गया है, अगले चरण में लखनऊ जंक्शन, गोमतीनगर, बादशाहनगर, ऐशबाग सहित अन्य स्टेशनों से रवाना होने वाली गाड़ियों में भी इन बॉक्सों को फिट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक बॉक्स पर तीन से चार हजार रुपये ही खर्च हुए हैं। लेकिन इससे गाड़ियों का डिटेंशन कम हुआ है और पोर्टरों पर भी व्यय नहीं करना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed