{"_id":"683ea20b0db058a3bb0d8296","slug":"now-there-change-all-government-schools-state-disabled-toilets-smart-facilities-mandatory-cm-given-instruction-2025-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: परिषदीय स्कूलों में ठीक की जाएंगी अवस्थापना सुविधाएं, महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने जारी किए निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: परिषदीय स्कूलों में ठीक की जाएंगी अवस्थापना सुविधाएं, महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने जारी किए निर्देश
Tue, 03 Jun 2025 02:58 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 03 Jun 2025 02:58 PM IST
सार
महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से जारी किए गए सभी निर्देशों को शत प्रतिशत पूरा किया जाए। बीएसए को निर्देश दे दिए गए हैं।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के सभी परिषदीय विद्यालयों को 19 पैरामीटर पर मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं से युक्त करने की कवायद तेज हो गई है। इसके तहत सभी विद्यालयों की समीक्षा में यह पाया गया है कि अधिकतर विद्यालयों में दिव्यांग शौचालय, क्लास टाइलीकरण व चहारदीवारी की अभी भी कमी है। इसे पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में फर्नीचर सुविधा, विद्युत आपूर्ति, चहारदीवार, खेल के मैदान, ड्रेनेज व्यवस्था, साफ पेयजल, अवस्थापना सुविधाओं, साफ-सफाई व कंप्यूटर, प्रोजेक्टर व स्मार्ट टीवी समेत 19 मूलभूत सुविधाओं को परिपूर्ण किया जाना है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा की ओर से सभी बीएसए को जारी निर्देश में कहा गया है कि सीएम के निर्देश पर इन लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा किया जाना है।
विज्ञापन
ये भी पढ़े- Ram Mandir: यज्ञ मंडप के सामने ढाई घंटे हुआ प्रायश्चित पूजन, सात मंदिरों में होगी मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा
विज्ञापन
ये भी पढ़े- Bahraich: नाना के घर आए मासूम को उठा ले गया भेड़िया, गन्ने के खेत में बनाया निवाला; दोनों हाथ व एक पैर चबा गया
उन्होंने कहा है कि ऑपरेशन कायाकल्प में कराए गए स्वमूल्यांकन के आधार पर 96 प्रतिशत विद्यालयों में आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं की पूर्ति की जा चुकी है। ऐसे में बचे हुए विद्यालयों की जरूरतों के अनुसार संबंधित विभागों से संपर्क कर इसे समय से पूरा कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि कुछ विद्यालयों में पहले से बनी व्यवस्थाएं अक्रियाशील हो गई हैं। इसे भी क्रियाशील बनाया जाए। बरसात को देखते हुए भी साफ-सफाई व जलभराव न हो, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।