फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Now the experts will meet in Trauma Casualty

अब ट्रॉमा कैजुअलिटी में ही मिलेंगे सभी विशेषज्ञ

Sat, 17 May 2014 08:42 AM IST
अमित यादव/अमर उजाला, लखनऊ
अमित यादव/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 17 May 2014 08:42 AM IST
विज्ञापन
Now the experts will meet in Trauma Casualty

केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में मरीजों को अब कैजुअलिटी वार्ड में ही इलाज मिलेगा। इसी वार्ड में सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, आर्थोपैडिक, मेडिसिन के डॉक्टर मौजूद रहेंगे।

विज्ञापन


वहां से जांच के बाद ही जरूरत होने पर उन्हें विभागों की इमरजेंसी में शिफ्ट किया जाएगा। केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में अभी तक आने वाले मरीजों को पहले कैजुअलिटी वार्ड में लिया जाता है।
विज्ञापन


वहां जांच के बाद ही उसे कागजी कार्रवाई कर चोट से संबंधित विभाग में भेजा जाता है। अब ट्रॉमा सेंटर में इमरजेंसी इलाज देने के इस पैटर्न को बदला जाएगा। शुक्रवार को ट्रॉमा सेंटर प्रशासन की बैठक में ये फैसला लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकारियों के अनुसार अभी तक कैजुअलिटी वार्ड में मरीजों को प्राथमिक उपचार मिलता है। उनकी चोट के हिसाब से सीटी स्कैन और एक्स-रे आदि करने की सलाह दी जाती है।

इसके बाद उन्हें संबंधित विभागों में इलाज के लिए भेज दिया जाता है। जहां उनका आगे इलाज किया जाता है। अधिकारियों का मानना है वार्ड में मरीज के पहुंचने के बाद अव्यवस्था फैल जाती है।

कई मरीजों का समय से इलाज शुरू न होने की शिकायत भी मिली है। बताया गया है कि मरीज स्ट्रेचर पर ही पड़ा रहता है। इन्हीं परेशानियों को दूर करने के लिए अब संबंधित विभाग के रेजीडेंट चिकित्सक को कैजुअलिटी वार्ड में बुलाया जाएगा।

जरूरत पड़ने पर मरीज को वहीं भर्ती कर लिया जाएगा। वहीं, ट्रॉमा सेंटर परिसर में बहुमंजिला रैन बसेरा बनेगा। इसके लिए वहां बने पराग बूथ और पास ही बनी कैंटीन पर बुलडोजर चलेगा।

ट्रॉमा सेंटर परिसर में स्थायी रैन बसेरा न होने से ये फैसला लिया गया है। कैंटीन और पराग बूथ संचालक को नोटिस देकर जगह खाली करने को कह दिया गया है।

केजीएमयू प्रशासन के अनुसार ट्रॉमा सेंटर में विभिन्न जनपदों के मरीज आते हैं। इनके साथ परिवारीजनों को शुभचिंतकों की भीड़ भी रहती है। जो ट्रॉमा सेंटर के सामने अस्थायी रैन बसेरों में बैठे रहते हैं।


इन्हीं के लिए कैंटीन और पराग बूथ की व्यवस्था की गई थी। इन दोनों को हटाने से पहले मरीजों व डॉक्टरों के लिए 1905 भवन में कैंटीन की शुरू कर दी है।

उधर, ट्रॉमा प्रशासन का कहना है कि कई नोटिस देने के बाद भी कैंटीन बंद नहीं की जा रही है। उसे अंतिम चेतावनी दे दी गई है। इसके बाद जगह को केजीएमयू प्रशासन स्वयं खाली करा लेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed