अब मरीजों को शिफ्ट करने के लिए स्पेशल एंबुलेंस

मनीष कुमार सिंह/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 23 Jan 2014 09:22 AM IST
now special ambulence for patient
ट्रॉमा सेंटर और सरकारी अस्पतालों में मरीजों को ऑक्सीजन देने में लापरवाही न हो, इसके लिए अब प्रशासनिक अधिकारी व्यवस्था दुरुस्त करने में जुट गए हैं।

ट्रॉमा सेंटर में मरीजों की शिफ्टिंग के लिए विशेष वाहन के साथ विभागाध्यक्षों को सतर्क रहने के लिए सर्कुलर जारी किया गया है।

वहीं, अस्पतालों के ऑक्सीजन प्लांट में लगे सिलेंडरों में गैस की उपलब्धता मापने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं। सेंट्रलाइज पाइप के साथ लगे प्रेशर मीटर को सही कराने व उसका निरीक्षण कराने की बात कही गई है।

इसके साथ ही जिस भी बेड साइड सिलेंडर के मीटर खराब हैं, उसे ठीक कराने के लिए अधिकारियों ने हामी भरी है।

वहीं, सिलेंडर में गैस की क्षमता मापने के लिए ऑक्सीजन प्लांट संचालित करने वाले कर्मचारियों को निर्देश जारी किया जाएगा। इस बारे में ट्रॉमा प्रशासन ने केजीएमयू, ट्रॉमा सेंटर और क्वीन मैरी अस्पताल के लिए सर्कुलर जारी किया है।

इसके अलावा सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी किया गया है कि अगर किसी भी मरीज को एक वार्ड से दूसरे वार्ड शिफ्ट किया जा रहा है तो मरीज के साथ एक डॉक्टर का होना जरूरी है।

मरीज को किसी भी हालत में दूसरे वार्ड में तब तक शिफ्ट नहीं किया जाएगा, जब तक संबंधित विभाग का कोई डॉक्टर मरीज के साथ नहीं होगा।

उधर, ट्रॉमा सेंटर सहित सभी सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति की कमियों को दूर करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. यूएन राय ने कहा कि अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट में खराब पड़े नोजल को ठीक कराया जाएगा।

इसके अलावा सिलेंडर में लगे खराब प्रेशर मीटर को बदलवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में सेंट्रलाइज व्यवस्था न होने से दिक्कत होती है, लेकिन मरीजों को परेशानी न हो इसके लिए पर्याप्त सिलेंडर रखे जाएंगे।

बैकअप की भी व्यवस्था की जाएगी। ऑक्सीजन प्लांट के कर्मचारियों को सप्लाई चेक करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

हजरतगंज स्थित झलकारीबाई बाल महिला चिकित्सालय में सेंट्रलाइज व्यवस्था न होने के चलते बेड साइड ऑक्सीजन सिलेंडर से ही काम चलाया जाएगा।

व्यवस्था सुधारने के लिए सभी सिलेंडर में प्रेशर मीटर लगाने की बात कही गई है, जिससे आपात स्थिति में मरीज या अस्पताल के स्टाफ को परेशान न होना पड़े। अस्पताल में नये बन रहे भवन में सेंट्रलाइज ऑक्सीजन सिस्टम की व्यवस्था की गई है।

कैरी ट्रॉली की होगी व्यवस्था
ऑक्सीजन सिलेंडर को कैरी करने के लिए सभी अस्पतालों में कैरी टॉली की व्यवस्था की जाएगी। अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कैरी ट्रॉली के संकट की वजह से कई बार सिलेंडर को शिफ्ट करने में दिक्कत होती है।

वार्डों में इस्तेमाल हो रही कैरी ट्रॉली की संख्या के साथ उसकी हालत पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद जिस वार्ड में ट्रॉली की जरूरत होगी, वहां उपलब्ध कराई जाएगी।

पर सिविल में नहीं सुधरेगी व्यवस्था
सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके हसन का कहना है कि अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई की जैसी व्यवस्था है, उसी तरीके से काम चलाया जाएगा।

उनका कहना है कि अस्पताल के सभी ऑक्सीजन सिलेंडर में प्रेशर मीटर लगे हैं, लेकिन हकीकत ये है कि इमरजेंसी वार्ड में नर्स ड्यूटी स्टेशन के पास रखे ऑक्सीजन सिलेंडर का मीटर टूटा हुआ है।

अस्पताल के ऑक्सीजन सप्लाई रूम में तालाबंद रहने की बात पर उनका कहना है कि यहां किसी कर्मचारी को तैनात करने का कोई मतलब नहीं है। एक बार सप्लाई चालू करने के बाद उसमें किसी कर्मचारी की कोई जरूरत नहीं है।

हालांकि ये सवाल उठता है कि अगर अचानक ऑक्सीजन प्लांट में अचानक कोई घटना घट जाए तो आपूर्ति कैसे चालू रखी जाएगी। इमरजेंसी में बेड के साथ लगे खराब ऑक्सीजन पॉइंट पर सीएमएस ने मरीजों पर ही आरोप जड़ दिया।

उनका कहना है कि मरीज ऑक्सीजन बॉटल और मास्क लेकर चले जाते हैं, जिसकी वजह से उसे हटा दिया जाता है, जबकि हकीकत ये है कि ऑक्सीजन पॉइंट पर नोजल के अलावा कुछ नहीं है।

अगर किसी मरीज को अचानक ऑक्सीजन देनी पड़ती है तो बेड साइड ऑक्सीजन सिलेंडर का इस्तेमाल किया जाता है।

Spotlight

Most Read

Bihar

चारा घोटाला: लालू और जगन्नाथ मिश्रा को 5 साल की सजा, कोर्ट ने 5 लाख का लगाया जुर्माना

पूर्व रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।

24 जनवरी 2018

Related Videos

संघर्ष से लेकर यूपी के डीजीपी बनने तक ऐसा रहा है ओपी सिंह का सफर

कई दिनों के इंतजार के बाद ओपी सिंह ने आखिरकार उत्तर प्रदेश के डीजीपी पद का भार संभाल लिया। पद ग्रहण करने के बाद डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि अपराधी सामने आएंगे, गोली चलाएंगे तो पुलिस उनसे निपटेगी।

24 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls