{"_id":"5d1fa27b8ebc3e3c9771d531","slug":"now-phd-in-allied-subject-from-lohia-law-university-lucknow-news-lko4690980175","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोहिया विधि विवि में इसी सत्र से शुरू होगी अलाइड विषयों में पीएचडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोहिया विधि विवि में इसी सत्र से शुरू होगी अलाइड विषयों में पीएचडी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोहिया विधि विवि से कर सकेंगे अलाइड विषयों में पीएचडी
डॉ. राम मनोहर लोहिया केंद्रीय विधि विश्वविद्यालय में अब अलाइड विषयों में भी पीएचडी कराई जाएगी। विवि का दावा है कि इसकी शुरुआत करने वाला वह प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है। जल्द ही कुलपति की अध्यक्षता में सभी विभागों के हेड व डीन की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें इस पर मुहर लगा दी जाएगी।
लोहिया विधि विवि में पीएचडी की प्रवेश प्रक्रिया की तैयारियां शुरू हो गई हैं। विवि की प्रवक्ता डॉ. अलका सिंह ने बताया कि मानविकी के अंग्रेजी, इतिहास, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र में पीएचडी कराई जाती है। इस बार से अलाइड विषय जैसे लॉ एंड लिट्रेचर, जेंडर स्टडीज, वीमेन स्टडीज आदि विषयों में भी पीएचडी कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि अब तकदिल्ली स्थित अंबेडकर यूनिवर्सिटी में ही अलाइड विषयों में पीएचडी कराई जाती है। प्रस्ताव पास होते ही इसी सत्र से पीएचडी की प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि क्लैट के माध्यम से विवि के बीए एलएलबी पाठ्यक्रम में दाखिले की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएं 10 जुलाई से शुरू कर दी जाएंगी। पहले दिन ओरिएंटेशन कार्यक्रम होगा। इसके अलावा विवि में कुछ प्रशासनिक फेरबदल भी किया गया है। डॉ. मनीष सिंह विवि के नए चीफ प्रॉक्टर बनाए गए हैं। जबकि डॉ. वी. विशालाक्षी को डिपार्टमेंट ऑफ लीगल स्टडीज, डिपार्टमेंट ऑफ ह्यूमैनिटीज का विभागाध्यक्ष बनाया गया है। नए सत्र से विवि की लाइब्रेरी में संविधान की मूल प्रति को भी स्थापित कर दिया गया है। गत वर्ष राज्यपाल ने कुलपति प्रो. एसके भटनागर को मूल प्रति भेंट की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
डॉ. राम मनोहर लोहिया केंद्रीय विधि विश्वविद्यालय में अब अलाइड विषयों में भी पीएचडी कराई जाएगी। विवि का दावा है कि इसकी शुरुआत करने वाला वह प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है। जल्द ही कुलपति की अध्यक्षता में सभी विभागों के हेड व डीन की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें इस पर मुहर लगा दी जाएगी।
लोहिया विधि विवि में पीएचडी की प्रवेश प्रक्रिया की तैयारियां शुरू हो गई हैं। विवि की प्रवक्ता डॉ. अलका सिंह ने बताया कि मानविकी के अंग्रेजी, इतिहास, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र में पीएचडी कराई जाती है। इस बार से अलाइड विषय जैसे लॉ एंड लिट्रेचर, जेंडर स्टडीज, वीमेन स्टडीज आदि विषयों में भी पीएचडी कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि अब तकदिल्ली स्थित अंबेडकर यूनिवर्सिटी में ही अलाइड विषयों में पीएचडी कराई जाती है। प्रस्ताव पास होते ही इसी सत्र से पीएचडी की प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि क्लैट के माध्यम से विवि के बीए एलएलबी पाठ्यक्रम में दाखिले की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएं 10 जुलाई से शुरू कर दी जाएंगी। पहले दिन ओरिएंटेशन कार्यक्रम होगा। इसके अलावा विवि में कुछ प्रशासनिक फेरबदल भी किया गया है। डॉ. मनीष सिंह विवि के नए चीफ प्रॉक्टर बनाए गए हैं। जबकि डॉ. वी. विशालाक्षी को डिपार्टमेंट ऑफ लीगल स्टडीज, डिपार्टमेंट ऑफ ह्यूमैनिटीज का विभागाध्यक्ष बनाया गया है। नए सत्र से विवि की लाइब्रेरी में संविधान की मूल प्रति को भी स्थापित कर दिया गया है। गत वर्ष राज्यपाल ने कुलपति प्रो. एसके भटनागर को मूल प्रति भेंट की थी।
विज्ञापन