फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Now goverment can not be undertake land of school and hospital.

अखिलेश सरकार को देना होगा 10 लाख रुपए का हर्जाना

Thu, 16 Oct 2014 08:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 16 Oct 2014 08:48 PM IST
विज्ञापन
Now goverment can not be undertake land of school and hospital.

हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक अहम फैसले में कहा है कि स्कूल-कॉलेजों, अस्पतालों या समाज सेवा से जुड़े संस्थानों की जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जा सकता।

विज्ञापन


कोर्ट ने कहा है कि अधिग्रहण उन्हीं हालात में किया जा सकता है, जबकि देशहित में ऐसा करना अपरिहार्य हो। अदालत ने इसके साथ ही राजधानी के ला-मार्टीनियर बॉयज कॉलेज की जमीन के अधिग्रहण के लिए 31 साल पहले शुरू की गई कार्यवाहियों को रद्द कर दिया।
विज्ञापन


साथ ही यूपी सरकार और आवास एवं विकास परिषद समेत अन्य पक्षकारों पर 10 लाख रुपये का हर्जाना ठोका है। यह रकम कॉलेज ट्रस्ट को मिलेगी।

न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह व न्यायमूर्ति अरविंद कुमार त्रिपाठी द्वितीय की खंडपीठ ने फैसले में कहा कि यूपी हाउसिंग बोर्ड और सरकार की ओर से कॉलेज की जमीन का अधिग्रहण करने के लिए जारी किए नोटिस और अधिसूचनाएं जनहित में नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह अधिग्रहण कानून की प्रकिया का दुरुपयोग और मनमाना लगता है। कोर्ट ने ला-मार्टीनियर कॉलेज बोर्ड की याचिका को मंजूर करते हुए इसमें चुनौती दिए गए नोटिसों, अधिसूचनाओं व आदेशों को रद्द कर दिया।

कोर्ट ने साफ कहा कि कॉलेज से जुड़ी जमीन के जायज इस्तेमाल करने में दखल न दिया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि दो माह में हर्जाने की रकम न जमा किए जाने पर डीएम इसकी तीन माह में वसूली कर रकम कोर्ट में जमा कराएंगे।

ये था मामला

Now goverment can not be undertake land of school and hospital.

ला-मार्टीनियर कॉलेज के बोर्ड केएसी ग्रेस समेत तीन सदस्यों की ओर से वर्ष 1983 में दायर की गई याचिका में वर्ष 1982 और इसके बाद कॉलेज की जमीन का अधिग्रहण करने के लिए जारी किए गए नोटिसों, अधिसूचना और संबंधित आदेशों को रद्द किए जाने की गुजारिश की गई थी।

याचियों की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप नारायण माथुर ने इन्हें कानून की मंशा के खिलाफ बताया तो यूपी आवास एवं विकास परिषद समेत अन्य पक्षकारों की तरफ से याचिका का विरोध किया गया।

इस मामले पर हाईकोर्ट ने कहा है कि जब तक देश की सुरक्षा के मद्देनजर या राष्ट्रहित में जरूरी न हो या आपातकाल न हो, शिक्षा, मेडिकल या चैरिटी के कामों से जुड़े संस्थानों की जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जाना चाहिए।

क्या सरकार ने जबरन ली हैं किसानों की जमीनें?

Now goverment can not be undertake land of school and hospital.

इधर एक दूसरे मामले में भी हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को जानकारी तलब की है। ये मामला है रामपुर में बन रही मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का।

प्रदेश सरकार पर आरोप है कि उन्होंने इसके लिए किसानों से जबरन जमीनें ली हैं। इस मामले में एक अवमानना याचिका दाखिल की गई है।

याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति आरडी खरे ने डीएम रामपुर और प्रदेश सरकार को इस मामले पर 30 अक्तूबर तक जानकारी देने को कहा है।

याचिका ग्रामसभा सिंगन खेड़ा मजरा अलियागंज के मो. हसन और पांच अन्य ने दाखिल की है।

याचियों के अधिवक्ता प्रमोद कुमार सिन्हा के मुताबिक जौहर विवि के आसपास के गांवों के किसानों से जमीनें जबरन ली जा रही हैं और इसके बदले में उनको कोई मुआवजा भी नहीं दिया जाता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed