'शर्त' के साथ आखिरकार खुला छोटे इमामबाड़ा का ताला
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बड़े इमामबाड़े के बाद सोमवार की रात आखिरकार छोटे इमामबाड़े का ताला भी खुल गया। लेकिन ताला खोलने की एक शर्त भी रख दी गई है।
कोर्ट ने दिया था फैसला
आखिरकार छोटे इमामबाड़ा का ताला भी खुल गया। कोर्ट के आदेश और प्रशासन की सक्रियता के बाद रात 10 बजे के बाद इसे खोलने का फैसला लिया गया। ताला खोलने से पहले कल्बे जव्वाद ने वहां उमड़ी जनता को संबोधित किया।
उमड़े हुए जनसैलाब को संबोधित करते हुए कल्बे जव्वाद ने कहा कि इमामबाड़ा का ताला जरूर खोला जा रहा है लेकिन यदि प्रदर्शन कर रहीं महिलाएं चाहें तो वह गेट के अंदर भी अपना धरना बनाए रख सकती हैं। उन्होंने वसीम रिजवी की सीबीआई जांच की मांग भी की।
उन्होंने 24 घंटे के अंदर-अंदर वसीम रिजमी की गिरफ्तारी की बात भी की। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो हालात पहले जैसे ही हो सकते हैं।
इसके पहले शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी को बर्खास्त करने और गिरफ्तार करने की मांग को लेकर महिला प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को दोपहर से बड़ी सुरक्षा चौकसी के बाद खू्रब हंगामा किया।
कुछ महिलाएं छोटे इमामबाड़े के गेट पर चढ़ गई और कुछ गेट पर ही मशाल लेकर आत्मदाह की चेतावनी दी और दिन भर ताला नहीं खोलने देने को लेकर अड़ी रहीं। देर रात मौलाना कल्बे जव्वाद ने छोटे इमामबाड़े पहुंच कर वकील व महिलाओं से हुई बैठक के फैसले का खुलासा किया और आखिरकार छोटे इमामबाड़े का ताला खोल दिया गया।
मुस्लिम महिला जागरूक मंच के तत्वावधान में एक माह से भूख हड़ताल पर डटी महिलाएं प्रदर्शनकारियों ने तकरीबन 26 दिन से छोटे इमामबाड़े का ताला डाल कर वसीम रिजवी का विरोध कर रही हैं।
रविवार को प्रशासन ने कर लिया था इंतजाम
रविवार को जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर महिलाओं की गिरफ्तारी का पूरा इंतजाम कर लिया था। हुसैनाबाद इलाके में तकरीबन एक दर्जनों बसें लगाकर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। इसके बावजूद महिला प्रदर्शनकारियों ने ताला खोलने से इंकार कर दिया।
साथ ही चेतावनी दी कि अगर जबरन ताला खुलावाने का प्रयास किया तो आत्मदाह कर जान दे देंगे। इस दौरान महिलाओं ने मशाल व मिट्टी का तेल भी छोटे इमामबाड़े के गेट पर जमा कर लिया।
महिलाओं ने कहा कि जबरन ताला खोलने की कोशिश की गई तो वे तेल डाल कर मशाल में आग लगा कर सामूहिक आत्मदाह कर लेंगे। इस दौरान मौलाना कल्बे जव्वाद व प्र्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल बातचीत के बाद हुसैनाबाद इलाके से फोर्स हटा ली गई।
देर रात मौलाना कल्बे जव्वाद ने छोटे इमामबाड़े पहुंच कर जन सभा को संबोधित करते हुए कहा कि दोपहर में उनकी नवनीत सहगल से बातचीत हुई जिसके बाद फोर्स हटाई गई। मौलाना ने कहा कि जबरन इमामबाड़े का ताला नहीं खुलवाया जा सकता। बातचीत के जरिये ही रास्ता निकाला जाएगा।
मौलाना ने कहा कि कोर्ट आदेश गेट खुलवाना है महिलाओं को घेर कर मारने का नहीं है। इसे बातचीत के जरिये ही निपटाया जा सकता है। मौलाना ने ऐलान किया कि सोमवार को उलमा, वकील और महिलाएं मिल कर इस मामले का फैसला करेंगे। मौलाना ने महिलाओं पर जिला प्रशासन के दबाव बनाने को लेकर किए गए प्रयास पर नाराजगी जताते हुए कहा कि डीएम व एडीएम को सिर्फ हुसैनाबाद ट्रस्ट की आमदनी से मतलब है।
इसलिए वे जबरन कर महिलाओं पर दबाव बना कर ताला खुलवाना चाहते हैं। मौलाना ने कहा कि जबरन नहीं बातचीत से ताला खोलने का फैसला लिया जाएगा।