विराट कोहली और आजम खां सबसे बड़े मूर्ख!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मूर्ख दिवस एक अप्रैल को लखनऊ में इंडियन क्रिकेट टीम के उपकप्तान विराट कोहली को 'मूर्ख रत्न' के 'राष्ट्रीय शिखर सम्मान' से नवाजा जाएगा। विराट को ये टाइटल 'घोंघाबसंत सम्मेलन' में दिया गया। 'घोंघाबसंत सम्मेलन' लखनऊ का काफी बड़ा आयोजन है।
एक अप्रैल ‘मूर्ख दिवस’ पर रंगभारती की ओर से पांच दशकों से भी अधिक समय से चली आ रही ‘घोंघा बसंत’ हास्य उत्सव कवि सम्मेलन की शाम बुधवार को ठहाकों संग सजी। ठहाकों संग भौं-भौं भी खूब गूंजा।
शौकीनों को साल भर तक इंतजार करवाने वाली शाम के मुख्य अतिथि मूर्खिस्तान के प्रधानमंत्री गदर्भराज रहे तो उनकी अदाओं ने कवि सम्मेलन से पहले ही हाल में ठहाके लगवाए। समारोह में गंधर्व विवाह, खास त्योहारों, मूर्ख रत्न सम्मानों का कॉकटेल भी कार्यक्रम खत्म होने तक लोगों को ठहाके लगवाता रहा।
विराट कोहली को मूर्ख रत्न दिये जाने पर तर्क दिया गया कि विराट कुछ समय से सुपर क्रिकेटर और सुपर आशिक के रूप में मशहूर हैं, किन्तु वर्ल्डकप प्रदर्शन के बाद पब्लिक तो उनसे निराश हुई ही, अनुष्का शर्मा को भी निराशा हुई होगी।
विराट के अलावा आयोजकों ने सम्मेलन में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, सूबे के कद्दावर मंत्री मो. आजम खां, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, शरद यादव, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, क्रिकेट खिलाड़ी व कमंटेटर नवजोत सिंह सिद्धू को भी ‘मूर्ख रत्न’ के ‘राष्ट्रीय शिखर सम्मान’ से नवाजा।
केजरीवाल, मनीष सिसोदिया सभी को पहनाई जूतों की माला
समारोह का उद्घाटन हमेशा की ही तरह ‘मूर्खिस्तान’ के प्रधानमंत्री ने गदर्भराज ने किया। उन्होंने कहा कि बिरादरी के बीच आकर वो काफी खुश हैं। ‘मूर्खिस्तान’ के प्रधानमंत्री के साथ उनके लैब्राडोर ब्रीड के ब्राउनी और जर्मन शेफर्ड साइरा दो दामाद भी मंच पर पहुंचे, जिनसे प्रधानमंत्री की पुत्रियों ने अन्तरजातीय विवाह किया है।
मंच पर खुद ‘रंगभारती’ के अध्यक्ष श्याम कुमार मफलर मैन अरविंद केजरीवाल की वेशभूषा में मंच पर उतरे। उनके साथ चार खास साथी कुमार विश्वास, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, आशुतोष भी रूप धरकर उतरे। सभी को जूतों से बनी खुशबूदार माला पहनाई गई। कवियों को तोहफों में झाड़ू और अंगवस्त्र भेंट दिए गए।
अब पाक के पीएम को जूता भेंट कीजिए...
मुंबई से आए आसकर्ण अटल ने कहा कि गांव में संस्कार था, शहर में रोजगार था, रोजगार के लिए गांव छूटा तो आंखों की शर्म रही जाती। वहां पगड़ी उतारने में आती थी शर्म, यहां कपड़े उतारने में नहीं आती... से ठहाके लगवाए। प्रगट हुए परवर दीगार... कविता ने भी ठहाके पाए।
रोजै सीताहरण होत है, लोग कहत हैं रावण मरिगा
अलीगढ़ से आए सुरेन्द्र सुकुमार ने परधानजी के बेटे, सत्ता में आ गए हैं, कानून खा गए हैं... ने ठहाके लगवाए। बहराइच से आए आशुतोष श्रीवास्तव की सुनाई पंक्तियां जे पावा मुंह करिया करिगा, सुनत-सुनत आपन जिउ भरिगा।
रोजै सीताहरण होत है, लोग कहत हैं रावण मरिगा... से खूब हंसाया। साथ ही व्यवस्था पर सोचने को मजबूर किया। आगरा से आए हरेश चतुर्वेदी ने प्राइमरी टीचर की व्यथा खाक त्योहार मनाएं अपनी जनगणना में ड्यूटी लगी है... सुनाई।
कुशीनगर से आए राजेश राही ने नेताओं के झूठे वादों को इलेक्शन बीत जाएगा तो फि र कम्बल नहीं देगा.. सुनाकर समझाया।
फैजाबाद के जमुना प्रसाद उपाध्याय ने सरकारी व्यवस्था पर जो चिरागों में जरा-सी रोशनी है, हमसे है, देश को इन लाल-नीली बत्तियों ने क्या दिया... ? सुनाकर सवाल उठाए। अशोक सुंदरानी ने इंजन टनाटन हो तो पुराना ट्रक नई मारुति को पीछे छोड़ देता है।
छप्पन इंच का सीना हमारे किस काम का
प्रश्न नहीं होते हैं हल, रोजी-रोटी के तो आपका छप्पन इंच का सीना हमारे किस काम का.. ने सोचने पर मजबूर किया। तनहा ने पंक्तियों से दिल्ली चुनावों की एक छटा बिखेरी। नगर के हास्य कवि अमित अनपढ़ ने आतंकी सुधरेंगे नहीं, मत वेट कीजिए।
गद्दार चाहता है बंद गेट कीजिए। जापान के राजा को, जैसे गीता भेंट की, अब पाक के पीएम को जूता भेंट कीजिए... से तालियां पाई। बाराबंकी के विकास बौखल ने दंगे में दरोगा में फोन हमने जब किया, वो बोला कि मंत्री की भैंस ढूंढ रहे हैं.. सुनाकर सरकारी तंत्र को आईना दिखाया।
श्याम कुमार की सुनाई गई पंक्तियां हम ब्याह करके लाए जब से उस दिलेर को, घर में घुसा लिया है जैसे कि एक शेर को, शादी के बाद भरते हैं पानी बड़े- बड़े, गर्दिश में घेर लेते हैं कुत्ते भी शेर को... सुनाकर ठहाके लगवाए।
दीप प्रज्ज्वलन के बाद रंगकर्मी विजय वास्तव ने हास्य-आइटमों से शुरुआत की। गायिका रंजना दीवान ने सरस्वती-वंदना प्रस्तुत की। ‘मूंछ नर्तक’ दुकान जी के मूंछ नृत्य ने समां बांधा।
लालू यादव का नीतीश कुमार के साथ गंधर्व विवाह
घोंघा बसंत सम्मेलन में सीएम अखिलेश का बॉलीवुड स्टार अनुष्का के साथ गंधर्व विवाह हुआ। इसके अलावा सूबे के कद्दावर मंत्री शिवपाल यादव का उमा भारती के साथ, मुख्य सचिव आलोक रंजन का माधुरी दीक्षित के साथ, आसकर्ण अटल का कैटरीना कैफ के साथ और लालू यादव का नीतीश कुमार के साथ गंधर्व विवाह कराया गया।
इन नवविवाहित जोड़ों के ‘हनीमून’ के लिए लखनऊ के एक पांच सितारा होटल ‘क्लार्क अवध’ में नौ महीनों के लिए पांच रूम बुक करा दिए गए हैं।
आसकर्ण अटल को ‘रंगभारती बेढब बनारसी हास्य सम्मान’
‘रंगभारती’ की ओर से सुविख्यात हास्य कवि आसकर्ण अटल को उनकी हास्य-रस के क्षेत्र में उपलब्धियों पर इस वर्ष का ‘रंगभारती बेढब बनारसी हास्य सम्मान’ दिया गया।
‘रंगभारती’ के दिवंगत सदस्य बेढब बनारसी की याद में ये सम्मान हर साल दिया जाता है। सम्मान के अलावा मूर्ख दिवस के इस अवसर पर कवियों को भी कई उपहार दिए गए।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह की ओर से पत्तलों की जयमाल, राज्यपाल राम नाईक की ओर से राजमुकुट, राहुल गांधी की ओर से लॉलीपॉप और पीएम मोदी की ओर से झाड़ू दी गई।