आवासीय में कॉमर्शियल उपयोग के लिए आईएएस अफसरों को नोटिस
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आवासीय में कॉमर्शियल उपयोग के लिए ‘बड़े साहब’ पर कार्रवाई के लिए एलडीए के अधिकारी करीब 15 दिनों के बाद तैयार हो गए। प्राधिकरण ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को नोटिस थमा दिया है।
आईएएस अधिकारी दुर्गाशंकर मिश्रा और इफ्तिखारुद्दीन के नाम पर नोटिस काटे गए हैं। इस बाबत ‘अमर उजाला’ ने 19 फरवरी के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।
प्रदेश सरकार में अपर मुख्य सचिव खेल इफ्तिखारुद्दीन के विशालखंड में भवन संख्या 2/62एस पर यूपी नगर योजना और विकास अधिनियम, 1973 की धारा-27 (1) में कार्रवाई की गई है।
एलडीए का कहना है कि बिना स्वीकृत मानचित्र के भवन के भूतल पर कॉमर्शियल उपयोग के लिए रैक, काउंटर का निर्माण शुरू कर दिया गया। वहीं, केंद्र सरकार में शहरी विकास मंत्रालय में सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा के भवन 2/62क्यू में अशमनीय भाग में निर्माण मिला है।
यह धारा 27 का उल्लंघन है। इस आवासीय भवन में नॉक-नॉक कैफे नाम से कॉमर्शियल उपयोग लिया जा रहा है। इसके लिए सड़क पर ही पार्किंग कराकर सार्वजनिक जमीन को भी अतिक्रमित किया जा रहा है। नोटिस के बाद रेस्त्रां को बंद कर दिया गया है। हालांकि, अब भी भवन के ऊपर इसका बोर्ड लगा हुआ है।
23 मार्च को होगी सुनवाई
अपर मुख्य सचिव खेल और सचिव शहरी विकास दोनों के मामले में 23 मार्च को विहित प्राधिकारी विश्वभूषण मिश्र की कोर्ट में सुनवाई होगी। नोटिस में दोनों भवन स्वामियों से जवाब मांगा गया है कि क्यों न उनके भवनों को गिराने का आदेश कर दिया जाए।
दोनों अलग-अलग विकास प्राधिकरण में रहे
एलडीए के अधिकारी ने बताया कि दोनों वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों ने उस समय आवासीय में कॉमर्शियल उपयोग किया है जब दोनों ही प्रदेश के अलग-अलग विकास प्राधिकरणों में वीसी के पद पर रह चुके हैं। ऐसे में इन्हें इसके लिए नियमों की जानकारी भी पूर्व से होनी चाहिए थी।