फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   notice against lucknow schools for violating RTE

गरीब बच्चों को आरटीई के तहत दाखिला न देने वाले 12 स्कूलों को नोटिस

Sun, 03 Jul 2016 12:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 03 Jul 2016 12:45 PM IST
विज्ञापन
notice against lucknow schools for violating RTE

निशुल्क व अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत गरीब बच्चों को दाखिला देने में आनाकानी करने वाले 12 स्कूलों को डीएम के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने नोटिस जारी किया है। इस स्कूलों के अड़ियल रवैये के चलते दुर्बल वर्ग के 73 बच्चों के एडमिशन फंसे हुए हैं। 

विज्ञापन


नोटिस जारी करते हुए इन विद्यालयों को सात जुलाई तक अपना पक्ष रखने को कहा गया है। दाखिला या जवाब न देने पर इन स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आरटीई एक्ट के तहत निजी स्कूलों को उनके यहां की 25 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों को दाखिला देना होता है। इन बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति राज्य सरकार को करनी होती है।
विज्ञापन


प्रदेश में वर्ष 2010 में अधिनियम लागू होने के पांच साल बाद पिछले साल से सरकारी स्तर पर आरटीई के तहत नि:शुल्क दाखिलों को लेकर कोशिश शुरू हुई है। इन कोशिशों पर कुछ स्कूलों की मनमानी आड़े आ रही है। इस साल आरटीई के तहत निजी स्कूलों में निशुल्क दाखिले के लिए 2275 आवेदन फॉर्म आए हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सत्यापन के बाद इन आवेदनों में से 1943 आवेदनों को जिला अधिकारी ने सही करार देते हुए नि:शुल्क दाखिले की अनुमति दी। इनमें से 416 बच्चों को नि:शुल्क दाखिला मिल चुका है। बाकी बच्चों में से 73 को छोड़कर जुलाई में एडमिशन देने का आश्वासन दिया है।

ये स्कूल कर रहे दाखिला देने में आनाकानी

notice against lucknow schools for violating RTE

सिटी मॉन्टेसरी स्कूल, गुरुकुल एकेडमी, जयपुरिया, स्टडी हॉल, टेक्नो एकेडमी इंदिरानगर, लखनऊ कॉलेजिएट जॉपलिंग रोड, मॉर्डन स्कूल कपूरथला, निर्मला कॉन्वेंट आदिलनगर, सेंट एंथोनी अलीगंज, ब्राइट कॅरियर ठाकुरगंज, सीएचसी एकेडमी सज्जादबाग, नवयुग रेडियंस, राजेंद्र नगर।

आठ को प्रिंसिपल्स के साथ बैठक
जिला प्रशासन आरटीई मुद्दे पर निजी स्कूल के प्रिंसिपल्स के साथ आठ जुलाई को बैठक करेगा। बैठक में निजी स्कूलों को गरीब बच्चों को निशुल्क दाखिला देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। 

बीते साल भी सीएमएस सहित कई विद्यालयों ने निशुल्क दाखिले से मना कर दिया था। यहां तक कि मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सीएमएस ने 18 बच्चों को अपने यहां निशुल्क दाखिला दिया था। निशुल्क दाखिले के मामले में एक बार फिर से वही स्थिति बन रही है।

इन स्कूलों ने आरटीई के तहत एडमिशन के लिए भेजे गए बच्चों को दाखिला नहीं दिया है। इसलिए इनको नोटिस जारी किया जा रहा है। स्कूलों को सात जुलाई तक जवाब देने के लिए कहा गया है। सात जुलाई को आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
प्रवीण मणि त्रिपाठी
(जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी)

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed