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केजीएमयू में वेंटीलेटर के लिए मचा हाहाकार, सांसत में मरीज
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केजीएमयू में वेंटिलेटर के लिए हंगामा
एंबुबैग लगे तीन मरीजों को नहीं मिल पाया वेंटिलेटर, दो गए निजी सेंटर
केजीएमयू में सोमवार को वेंटिलेटर न मिलने पर सुल्तानपुर से मरीज लेकर आए तीमारदारों ने जमकर हंगामा किया। होल्डिंग एरिया में काफी इंतजार के बाद तीमारदार मरीज को निजी सेंटर ले गए। वहीं, दो अन्य मरीजों के तीमारदार भी वेंटिलेटर के लिए परेशान रहे, लेकिन मायूसी हाथ लगी। फैजाबाद निवासी एक मरीज के तीमारदार वेंटिलेटर के इंतजार में ट्रॉमा में पड़े थे।
पुलिस रविवार को सुल्तानपुर निवासी युवती नाज फरहान (27) को बेहोशी की हालत में केजीएमयू लायी थी। कोरोना जांच के बाद सोमवार दोपहर युवती को होल्डिंग एरिया से ट्रॉमा में आईसीयू में शिफ्ट कराने के लिए भेजा गया। दोपहर करीब 12 बजे तीमारदार उसे ट्रॉमा लाए। भाई आसिफ का आरोप है कि एंबुबैग के जरिए उसे कृत्रिम सांस दी जा रही थी। डॉक्टरों ने वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत बताई थी। कई विभागों के चक्कर लगाए, वेंटिलेटर खाली न होने की बात कहकर मरीज को नहीं लिया गया। इससे नाराज तीमारदारों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे डॉक्टरों ने मरीज को दोबारा होल्डिंग एरिया में भेजा, जहां काफी देर तक इंतजार के बाद तीमारदार मरीज को निजी अस्पताल ले गए।
इसी तरह सुल्तानपुर की रमावती (60) को ब्रेन हैमरेज हुआ था। वह भी एंबुबैग स्पोर्ट पर थीं। मरीज को लेकर तीमारदार ट्रॉमा के चक्कर लगाने के बाद लौट गए। जबकि फैजाबाद के दिव्यांग शिवदयाल उपाध्याय (65) भी एंबुबैग पर थे। उन्हें भी घंटों दौड़ाने के बाद आईसीयू में शिफ्ट नहीं कराया जा सका। तीमारदारों का आरोप है कि 24 घंटे से अधिक समय बाद भी मरीज को इलाज नहीं मिल पाया। जबकि तीनों मरीजों की कोरोना रिपोर्ट आ चुकी थी।
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तीमारदारों के आरोप गलत
केजीएमयूू प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह के मुताबिक, वेंटिलेटर खाली होने पर सभी मरीजों को प्राथमिकता से मुहैया कराए जाते हैं। तीमारदारों के आरोप गलत हैं। मामले को दिखवाया जाएगा। वहीं, केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. संदीप तिवारी के मुताबिक, वेंटिलेटर खाली होने पर तुरंत मरीज को उपलब्ध कराया जा रहा है। रविवार को चार मरीजों को वेंटिलेटर पर शिफ्ट कराया गया है। मरीजों का लोड भी बहुत अधिक है।
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एंबुबैग लगे तीन मरीजों को नहीं मिल पाया वेंटिलेटर, दो गए निजी सेंटर
केजीएमयू में सोमवार को वेंटिलेटर न मिलने पर सुल्तानपुर से मरीज लेकर आए तीमारदारों ने जमकर हंगामा किया। होल्डिंग एरिया में काफी इंतजार के बाद तीमारदार मरीज को निजी सेंटर ले गए। वहीं, दो अन्य मरीजों के तीमारदार भी वेंटिलेटर के लिए परेशान रहे, लेकिन मायूसी हाथ लगी। फैजाबाद निवासी एक मरीज के तीमारदार वेंटिलेटर के इंतजार में ट्रॉमा में पड़े थे।
पुलिस रविवार को सुल्तानपुर निवासी युवती नाज फरहान (27) को बेहोशी की हालत में केजीएमयू लायी थी। कोरोना जांच के बाद सोमवार दोपहर युवती को होल्डिंग एरिया से ट्रॉमा में आईसीयू में शिफ्ट कराने के लिए भेजा गया। दोपहर करीब 12 बजे तीमारदार उसे ट्रॉमा लाए। भाई आसिफ का आरोप है कि एंबुबैग के जरिए उसे कृत्रिम सांस दी जा रही थी। डॉक्टरों ने वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत बताई थी। कई विभागों के चक्कर लगाए, वेंटिलेटर खाली न होने की बात कहकर मरीज को नहीं लिया गया। इससे नाराज तीमारदारों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे डॉक्टरों ने मरीज को दोबारा होल्डिंग एरिया में भेजा, जहां काफी देर तक इंतजार के बाद तीमारदार मरीज को निजी अस्पताल ले गए।
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इसी तरह सुल्तानपुर की रमावती (60) को ब्रेन हैमरेज हुआ था। वह भी एंबुबैग स्पोर्ट पर थीं। मरीज को लेकर तीमारदार ट्रॉमा के चक्कर लगाने के बाद लौट गए। जबकि फैजाबाद के दिव्यांग शिवदयाल उपाध्याय (65) भी एंबुबैग पर थे। उन्हें भी घंटों दौड़ाने के बाद आईसीयू में शिफ्ट नहीं कराया जा सका। तीमारदारों का आरोप है कि 24 घंटे से अधिक समय बाद भी मरीज को इलाज नहीं मिल पाया। जबकि तीनों मरीजों की कोरोना रिपोर्ट आ चुकी थी।
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तीमारदारों के आरोप गलत
केजीएमयूू प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह के मुताबिक, वेंटिलेटर खाली होने पर सभी मरीजों को प्राथमिकता से मुहैया कराए जाते हैं। तीमारदारों के आरोप गलत हैं। मामले को दिखवाया जाएगा। वहीं, केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. संदीप तिवारी के मुताबिक, वेंटिलेटर खाली होने पर तुरंत मरीज को उपलब्ध कराया जा रहा है। रविवार को चार मरीजों को वेंटिलेटर पर शिफ्ट कराया गया है। मरीजों का लोड भी बहुत अधिक है।