{"_id":"64862680c426666a9a074635","slug":"no-sim-in-the-mobile-recovered-from-the-shooter-lucknow-news-c-13-lko1064-284278-2023-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैंगस्टर जीवा हत्याकांड : शूटर विजय के पास से बरामद मोबाइल में सिम नहीं, नष्ट करने की आशंका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैंगस्टर जीवा हत्याकांड : शूटर विजय के पास से बरामद मोबाइल में सिम नहीं, नष्ट करने की आशंका
विज्ञापन
लखनऊ। गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटर विजय यादव के पास से बरामद मोबाइल से सिम गायब है। आशंका है कि विजय ने पहले ही सिम को नष्ट कर दिया था।
इसलिए पुलिस अब सर्विलांस टीम की मदद से पता कर रही है कि आखिर इस मोबाइल में कौन-कौन से सिम इस्तेमाल किए गए। तब उनकी कॉल डिटेल निकाली जाएगी, जिससे अहम सुराग मिल सकते हैं। शूटर के इस शातिर अंदाज से अंदाजा लगाया जा सकता है कि साजिश किस स्तर से रची गई।
सात जून को एससी-एसटी कोर्ट के भीतर जीवा पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उसकी हत्या कर दी गई थी। एक डेढ़ साल की बच्ची, उसकी मां व तीन पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए थे। वकीलों ने शूटर विजय को दबोच कर पुलिस के हवाले किया था।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक, विजय के पास से उसका मोबाइल बरामद हुआ था, जिसमें सिम नहीं था। इस बारे में उससे पूछताछ भी की गई थी, तो उसने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया था। उसने कहा था कि सिम कहां गया उसको नहीं मालूम।
इससे जांच में थोड़ी दिक्कत हो रही है। सूत्रों ने बताया कि अब सर्विलांस टीम पता कर रही है कि इस आईएमईआई नंबर पर कौन-कौन नंबर के सिम कार्ड इस्तेमाल किए गए।
सिर्फ वाईफाई का इस्तेमाल, फोन से डाटा डिलीट
सूत्रों के मुताबिक, शूटर विजय साजिश के तहत पिछले कुछ समय से सिर्फ इंटरनेट कॉलिंग से ही लोगाें से संपर्क करता था। खासकर व्हाट्सएप कॉल पर, जिसने भी उसने संजीव की हत्या की सुपारी दी वह भी उससे व्हाट्सएप कॉल के जरिये ही बात करता था। वह अलग-अलग जगहों का वाईफाई नेटवर्क का इस्तेमाल करता था। इस बारे में सर्विलांस व साइबर एक्सपर्ट की टीम गहनता से छानबीन कर रही है। ये भी सामने आया है कि बरामद मोबाइल में कोई डाटा नहीं मिला। वारदात को अंजाम देने से पहले ही उसने डाटा डिलीट कर दिया। मोबाइल का डाटा रिकवर कराने की जद्दोजहद चल रही है।
हर एक चीज से वाकिफ था
अभी तक शूटर विजय किसी फुटेज में नहीं दिखा है। उसके जैसे हुलिए वाले कुछ संदिग्ध जरूर जांच टीमों ने चिन्हित किए हैं। ऐसे में आशंका है कि घटनास्थल तक पहुंचने वाले रूट और कोर्ट रूम तक विजय सीसीटीवी कैमरों से बचता रहा। हालांकि, अधिकतर कैमरे भी खराब मिले हैं। शूटर को जिसने भी रेकी कराई और जानकारी दी उसकी भूमिका बेहद अहम है। इतनी बड़ी वारदात को सिर्फ एक शूटर ने गोली जरूर मारी हैं, लेकिन बीच में कइयों की भूमिका रही होगी। उनके बारे में जांच टीमें पता कर रही हैं।
विज्ञापन
इसलिए पुलिस अब सर्विलांस टीम की मदद से पता कर रही है कि आखिर इस मोबाइल में कौन-कौन से सिम इस्तेमाल किए गए। तब उनकी कॉल डिटेल निकाली जाएगी, जिससे अहम सुराग मिल सकते हैं। शूटर के इस शातिर अंदाज से अंदाजा लगाया जा सकता है कि साजिश किस स्तर से रची गई।
विज्ञापन
सात जून को एससी-एसटी कोर्ट के भीतर जीवा पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उसकी हत्या कर दी गई थी। एक डेढ़ साल की बच्ची, उसकी मां व तीन पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए थे। वकीलों ने शूटर विजय को दबोच कर पुलिस के हवाले किया था।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक, विजय के पास से उसका मोबाइल बरामद हुआ था, जिसमें सिम नहीं था। इस बारे में उससे पूछताछ भी की गई थी, तो उसने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया था। उसने कहा था कि सिम कहां गया उसको नहीं मालूम।
इससे जांच में थोड़ी दिक्कत हो रही है। सूत्रों ने बताया कि अब सर्विलांस टीम पता कर रही है कि इस आईएमईआई नंबर पर कौन-कौन नंबर के सिम कार्ड इस्तेमाल किए गए।
सिर्फ वाईफाई का इस्तेमाल, फोन से डाटा डिलीट
सूत्रों के मुताबिक, शूटर विजय साजिश के तहत पिछले कुछ समय से सिर्फ इंटरनेट कॉलिंग से ही लोगाें से संपर्क करता था। खासकर व्हाट्सएप कॉल पर, जिसने भी उसने संजीव की हत्या की सुपारी दी वह भी उससे व्हाट्सएप कॉल के जरिये ही बात करता था। वह अलग-अलग जगहों का वाईफाई नेटवर्क का इस्तेमाल करता था। इस बारे में सर्विलांस व साइबर एक्सपर्ट की टीम गहनता से छानबीन कर रही है। ये भी सामने आया है कि बरामद मोबाइल में कोई डाटा नहीं मिला। वारदात को अंजाम देने से पहले ही उसने डाटा डिलीट कर दिया। मोबाइल का डाटा रिकवर कराने की जद्दोजहद चल रही है।
हर एक चीज से वाकिफ था
अभी तक शूटर विजय किसी फुटेज में नहीं दिखा है। उसके जैसे हुलिए वाले कुछ संदिग्ध जरूर जांच टीमों ने चिन्हित किए हैं। ऐसे में आशंका है कि घटनास्थल तक पहुंचने वाले रूट और कोर्ट रूम तक विजय सीसीटीवी कैमरों से बचता रहा। हालांकि, अधिकतर कैमरे भी खराब मिले हैं। शूटर को जिसने भी रेकी कराई और जानकारी दी उसकी भूमिका बेहद अहम है। इतनी बड़ी वारदात को सिर्फ एक शूटर ने गोली जरूर मारी हैं, लेकिन बीच में कइयों की भूमिका रही होगी। उनके बारे में जांच टीमें पता कर रही हैं।