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18 लाख छात्रों को झटका, नहीं मिलेगी छात्रवृत्ति

Thu, 29 Jan 2015 01:44 AM IST
अजीत बिसारिया/अमर उजाला, लखनऊ
अजीत बिसारिया/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 29 Jan 2015 01:44 AM IST
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No scholorship for 18 lakhs students.

सूबे में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन करने वाले 18.5 लाख छात्रों को यह सुविधा नहीं दी जाएगी। फर्जी आय प्रमाणपत्र लगाने और आवेदनपत्र में आय की गलत जानकारी मिलने के बाद शासन ने यह फैसला किया है।

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राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र (एनआईसी) की स्क्रूटनी में ये गड़बड़ियां पकड़ में आईं। यहां बता दें कि दसवीं कक्षा से ऊपर के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के साथ-साथ शुल्क की भरपाई भी की जाती है।
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शासन ने 2014-15 में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की रकम खातों में भेजने से पहले एनआईसी को आय और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के आधार पर जांच करने के निर्देश दिए थे।
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जिलास्तरीय अधिकारियों ने 53.82 लाख आवेदनपत्र ऑनलाइन फॉरवर्ड किए थे। जांच में पाया गया कि इनमें से 3.82 लाख छात्र-छात्राओं के आय प्रमाणपत्र फर्जी हैं। राजस्व परिषद की वेबसाइट पर इन प्रमाणपत्रों का ब्यौरा नहीं मिला, जबकि नियमानुसार ऐसा होना जरूरी है।

परीक्षा ही नहीं पास कर पाए 10.20 लाख छात्र

No scholorship for 18 lakhs students.

14.74 लाख विद्यार्थियों के परिवारों की आमदनी प्रमाणपत्र के अनुसार ज्यादा है, जबकि आवेदन पत्र में इसे कम दिखाया गया। इतना ही नहीं वेबसाइट पर उपलब्ध यूपी बोर्ड के रिकॉर्ड से मिलान किया गया तो 10.20 लाख आवेदकों ने बताए गए वर्ष में संबंधित परीक्षा पास ही नहीं की है।

इनमें से ज्यादातर छात्र वही हैं, जिन्होंने या तो फर्जी आय प्रमाणपत्र लगाया है या फिर आय की गलत जानकारी दी है। इस तरह से शासन ने 18,57,609 यानी करीब एक तिहाई आवेदन पत्र रद्द करने का निर्णय लिया है। जिन छात्रों का रिकॉर्ड यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर नहीं मिला, उनके मामलों में गहन जांच कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। शासन ने इनके अंकपत्र फर्जी होने की आशंका भी जताई है।

दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना
53,82,960 विद्यार्थियों ने किया था आवेदन
3,82,960 विद्यार्थियों के आय प्रमाणपत्र मिले फर्जी
14,74,649 विद्यार्थियों ने आवेदनपत्र में भरी गलत आय
10,20,000 विद्यार्थियों के ब्यौरे की यूपी बोर्ड की वेबसाइट से नहीं हुई पुष्टि

कुछ और बिंदुओं पर भी होगी स्क्रूटनी

No scholorship for 18 lakhs students.

इस पर समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सुनील कुमार का कहना है कि दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में 18 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों ने आय की गलत जानकारी दी है। इनके खाते में राशि नहीं भेजी जाएगी।

समाज कल्याण विभाग के अफसरों के मुताबिक, एनआईसी की स्क्रूटनी में जिन 35,25,351 छात्रों के रिकॉर्ड को ओके कर दिया गया है, इनके जाति व निवास प्रमाणपत्र और बैंक खातों की जांच होना अभी बाकी है। यह भी देखा जाएगा कि इन्होंने अलग-अलग कक्षाओं में या एक ही कक्षा में दो बार आवेदन तो नहीं कर दिया है।

कक्षा-9 व 10 के भी 1.45 लाख आवेदन खारिज

कक्षा नौ और दस के विद्यार्थियों के लिए भी छात्रवृत्ति दी जाती है। वर्ष 2014-15 में 8,79,778 विद्यार्थियों ने आवेदन किया। इनमें से 1,45,310 विद्यार्थियों के आय प्रमाणपत्र फर्जी निकले। ये आवेदन भी खारिज कर दिए गए हैं।

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