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मैनेजमेंट कोटे की सीटों पर छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई बंद, एससी छात्रों पर पर इसी सत्र से होगा लागू
Sun, 20 Oct 2019 12:41 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 20 Oct 2019 12:41 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
उत्तर प्रदेश में मैनेजमेंट कोटे की सीटों पर छात्रवृत्ति और शुल्क की भरपाई की सुविधा बंद करने का फैसला ले लिया गया है। अनुसूचित जाति के छात्रों पर यह नियम चालू सत्र में ही लागू होगा। जबकि, अन्य सभी वर्गों के लिए अगले सत्र से लागू कर दिया जाएगा। नए प्रावधान से निजी संस्थानों में दाखिला लेने वाले हजारों छात्र प्रभावित होंगे।
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निजी संस्थानों में मैनेजमेंट कोटे से 15 फीसदी सीटें भरे जाने का प्रावधान है। इन सीटों पर अधिकतर अनिवासी भारतीय (एनआरआई) और प्रवेश परीक्षा में निचली रैंक पाने वाले विद्यार्थी दाखिला लेते हैं।
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केंद्र सरकार ने मैनेजमेंट कोटे की सीटों या बिना काउंसिलिंग के सीधे दाखिला लेने वालों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की सुविधा बंद कर दी है। चूंकि अनुसूचित जाति के छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई की राशि का बड़ा हिस्सा केंद्र सरकार देती है, इसलिए उनके मामले में यह प्रावधान इसी सत्र से लागू कर दिया गया है।
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सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों के लिए यह सुविधा 2019-20 से बंद कर दी जाएगी। छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की नियमावली में भी यह संशोधन शामिल कर दिया गया है। प्रदेश में ढाई लाख रुपये तक सालाना आमदनी वाले अनुसूचित जाति व जनजाति के परिवारों के विद्यार्थियों को यह सुविधा दी जाती है। अन्य वर्गों के मामले में यह आयसीमा दो लाख रुपये सालाना तक है।