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पेड़ काटने के लिए नहीं लेनी होगी परमिशन, बस... 10 पेड़ लगाने का शपथ पत्र देना होगा

Tue, 26 Sep 2017 08:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 26 Sep 2017 08:48 PM IST
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No permission needed to cut the trees now.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

यूपी में अपनी जमीन पर पेड़ काटने और बेचने के लिए अब डीएफओ, रेंजर और पुलिस की जी-हुजूरी नहीं करनी होगी। छह तरह के पेड़ों को छोड़कर, बाकी सभी को काटने के लिए अनुमति की जरूरत नहीं होगी। इसके साथ ही किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री कृषक धन योजना सहित तीन नई योजनाओं का एलान किया है।

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योगी कैबिनेट ने मंगलवार को किसानों को शोषण से बचाने के लिए नई वन नीति को मंजूरी दे दी। राज्य वन नीति 1998 के स्थान पर यह नई वन नीति-2017 लाई गई है। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि कैबिनेट ने यूपी वृक्ष संरक्षण अधिनियम-1976 तथा इमारती लकड़ी व अन्य वन उपज अपवहन नियमावली-1978 के सरलीकरण करने का फैसला किया है।
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इसके साथ ही कृषि व सामुदायिक भूमि पर वृक्षारोपण से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है। 62 जिलों में निजी भूमि पर पांच तरह के पेड़, आम, नीम, साल, महुआ और खैर तथा रिजर्व फारेस्ट वाले 13 जिलों में छह तरह के पेड़ आम, नीम, साल, महुआ, खैर, सागौन को छोड़कर अन्य पेड़ों को काटने के लिए अनुमति नहीं लेनी होगी।

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एक पेड़ काटने पर 10 लगाने होंगे

No permission needed to cut the trees now.

श्रीकांत ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसान एक पेड़ काटने के पहले 10 पेड़ लगाने का शपथ-पत्र देना होगा। इससे प्रदेश के सीमित वन क्षेत्र को बढ़ाने का मौका मिलेगा। प्रदेश में 33 फीसदी वन क्षेत्र होना चाहिए।

नई नीति से रुकेगा शोषण, आय होगी दोगुनी
वन मंत्री दारा सिंह चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री किसानों की आमदनी दो गुना करने पर जोर दे रहे हैं। इसी मुहिम के तहत नई वन नीति लाई गई है। यूपी से उत्तराखंड के अलग होने के बाद फारेस्ट कवर 5 प्रतिशत ही रह गया था जो अब 8-9 प्रतिशत तक पहुंचा है।

योगी सरकार ने पांच साल में वन क्षेत्र 15 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य तय किया है। नई वन नीति से दलालों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो गई है। अब किसानों का शोषण नहीं होगा। बेटे की पढ़ाई हो, शादी-विवाह या अन्य किसी तरह की आवश्यकता, किसान जब चाहेंगे अपने खेतों में लगे पेड़ काट और बेच सकेंगे।

मुख्यमंत्री कृषक धन सहित तीन योजनाओं को मंजूरी

No permission needed to cut the trees now.

कैबिनेट ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए तीन नई योजनाओं को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री कृषक धन योजना के अंतर्गत जन सहभागिता से मनरेगा में पात्र जॉब कार्ड धारी एससी, एसटी, परिवार व सामान्य वर्ग के लघु एवं सीमांत कृषकों के खेतों पर पौधरोपण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री सामुदायिक वानिकी योजना में मनरेगा के अंतर्गत ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने व क्षमता निर्माण के लिए सामुदायिक भूमि पर वृक्षारोपण होगा। वहीं मुख्यमंत्री फलोद्यान योजना में किसानों की जमीन पर फलदार पौधे लगाए जाएंगे।

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