2017 में कोई नहीं कर पाएगा हमारा मुकाबला: अखिलेश
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि ग्राम प्रधानों से लेकर जिला पंचायत अध्यक्षों के चुनावों में समाजवादियों को शानदार सफलता मिली है। ब्लॉक प्रमुख और विधान परिषद के चुनाव भी जीत जाएंगे।
आखिरी चुनाव 2017 में विधानसभा का होगा। यदि अभी से तैयारियों में जुट जाएं तो कोई भी दल सपा का मुकाबला नहीं कर पाएगा।
अखिलेश बृहस्पतिवार को जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सुपरसोनिक एयरक्राफ्ट मिग-21 का लोकार्पण किया और 300 बैटरी चालित ई-रिक्शा वितरित किए।
उन्होंने कहा कि मुफ्त ई-रिक्शा का वितरण भविष्य में भी होता रहेगा। अगले बजट में इसके लिए और धन का इंतजाम करेंगे। जिला पंचायत चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे सभी लोग चुनाव जीत गए हैं।
जीत का दावा करने वाले बताएं कितने अध्यक्ष जीते
अखिलेश बोले, जो दल जिला पंचायत चुनाव में अपने सदस्यों के बड़ी संख्या में जीतने का दावा कर रहे थे, वे बताएं कि उनके कितने अध्यक्ष जीते हैं। ग्राम प्रधानी में भी शानदार रिजल्ट रहा।
इसी तरह ब्लॉक प्रमुख और एमएलसी के चुनाव हो जाएंगे। युवाओं की तरफ मुखातिब होते हुए कहा, यदि आज से 2017 की तैयारी में जुट जाएं तो कोई भी दल हमारा मुकाबला नहीं कर पाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, कई राज्य हमारे काम की नकल कर रहे हैं। आबादी के बीच जनेश्वर मिश्र जितना बड़ा पार्क कहीं नहीं बना है। मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक नए साल में इस पार्क में एक लाख लोग आए थे।
सपा सरकार बजट से गरीबी, कमजोर वर्गों की मदद कर रही है। लगभग चार साल में सरकार ने घोषणापत्र के सभी काम कर दिए हैं।
इन योजनाओं की सफलता का किया जिक्र
उन्होंने कहा, देश में कोई राज्य इतना बड़ा एक्सप्रेस-वे नहीं बना रहा है। इतनी तेज रफ्तार से मेट्रो रेल का काम कहीं नहीं हुआ।
उन्होंने कहा, यदि मेट्रो ट्रेन, साइकिल और ई-रिक्शा का कॉम्बिनेशन हो जाए तो दिल्ली की तरह प्रदूषण को लेकर परेशानी नहीं होगी।
उन्होंने कहा, 45 लाख लाभार्थियों को समाजवादी पेंशन, 17 लाख को लैपटॉप और इतने ई-रिक्शा कहीं नहीं दिए गए।
102, 108 एंबुलेंस और स्वास्थ्य सुविधाओं में समाजवादियों का कोई मुकाबला नहीं कर सकता।
इस मौके पर नगर विकास मंत्री आजम खां, मंत्री राजेंद्र चौधरी, रामगोविंद चौधरी, सचिव नगर विकास एसपी सिंह आदि मौजूद थे।
माया के साथ सेल्फी खिंचवाते तो क्या होता?
अखिलेश ने समाजवादियों को सबसे लोकतांत्रिक और उदार बताते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती पर निशाना भी साधा। बसपा अध्यक्ष का नाम लिए बिना कहा कि किसी ने उनके साथ फोटो खिंचवाकर पोस्ट कर दी तो उस पर कार्रवाई हो गई।
हमारे नेताओं के साथ न जाने कितने लोग फोटो खिंचवाते हैं और न जाने कहां-कहां भेजते हैं। उन्होंने चुटकी ली, यदि उनके (मायावती) के साथ सेल्फी खिंचवाई होती तो क्या होता?
भाजपा ने लगाई सेल्फी की बीमारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सेल्फी की बीमारी भाजपा ने लगाई है। इसका समाधान भी ढूंढना पड़ेगा।
उन्होंने भाजपा का नाम लिए बिना कहा कि कुछ ताकतें दूसरी बहस छेड़ना चाहती हैं। वे सपा सरकार की योजनाओं पर क्यों बहस नहीं करतीं। दरअसल ऐसी ताकतों का रास्ता विकास का रास्ता नहीं है।