यहां 'सपनों की जमीन' तलाश रहे अखिलेश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे के लिए सपा के गढ़ फीरोजाबाद, इटावा और मैनपुरी में ही जमीन का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। इस लिहाज से बाकी सात जिलों में प्रगति ठीकठाक है।
कई जिलों में तो 80 फीसदी से ज्यादा जमीन ली जा चुकी है। राज्य सरकार ने 15 हजार करोड़ रुपये की लागत से लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे के निर्माण का फैसला किया है। इन दिनों इसके लिए दस जिलों में किसानों से जमीन खरीदी जा रही है।
हरदोई में 99.90 प्रतिशत जमीन ले ली गई है। इसी तरह आगरा में 83.69 प्रतिशत, उन्नाव में 77.60 प्रतिशत और कन्नौज में 90.99 प्रतिशत जमीन यूपी एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डवलेपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) खरीद चुकी है।
वहीं मैनपुरी में 12.38 हेक्टेयर (4.07 प्रतिशत) जमीन ही मिल सकी है, जबकि यहां कुल 304.2821 हेक्टेयर जमीन चाहिए। इस जिले के सभी चार विधायक सपा से हैं। इसी तरह इटावा में 315.5326 हेक्टेयर जमीन में से अभी महज 73.46 हेक्टेयर ही मिली है। इस जिले की भी तीनों विधानसभा सीटें सपा की झोली में हैं।
इन जिलों में यह है स्थिति
वहीं, फीरोजाबाद में 410.58 हेक्टेयर जमीन में से 107 हेक्टेयर जमीन ही अथॉरिटी को मिल सकी है। यहां भी पांच में तीन विधायक सपा के हैं। फीरोजाबाद और मैनपुरी में सांसद भी सपा के ही हैं।
अलबत्ता मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव के संसदीय क्षेत्र कन्नौज में स्थिति जरूर बेहतर है। यहां करीब 91 फीसदी जमीन एक्सप्रेस-वे के लिए मिल चुकी है। 22 सितंबर तक की प्रगति रिपोर्ट के मुताबिक एक्सप्रेस-वे के लिए 1849.60 हेक्टेयर यानी 59.51 प्रतिशत जमीन खरीदी जा चुकी है।
फैक्ट फाइल
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे के लिए ली जाने वाली जमीन का ब्यौरा
कुल जिले: दस (आगरा, फीरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कन्नौज, कानपुर नगर, उन्नाव, हरदोई, लखनऊ)
कुल गांव: 232
कुल किसान: 20,396
कुल रकबा: 3108 हेक्टेयर