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Lucknow News: आदेश के बाद भी एफआईआर नहीं, अमीनाबाद इंस्पेक्टर को नोटिस
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आदेश के बाद भी एफआईआर नहीं, अमीनाबाद इंस्पेक्टर को नोटिस
लखनऊ। एलडीए से खरीदे गए प्लॉट के जाली दस्तावेज तैयार कर बैंक में बंधक रखने के मामले में कोर्ट के आदेश के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं करने पर अमीनाबाद इंस्पेक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। एसीजेएम सुमित चौधरी ने इंस्पेक्टर को आठ अक्तूबर को दोपहर 12:30 बजे कोर्ट में पेश होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने कहा कि थाना प्रभारी स्पष्ट करें कि प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिए जाने के बावजूद एक माह चार दिन बाद भी उसका पालन क्यों और किन परिस्थितियों में नहीं हुआ। तय समय पर इंस्पेक्टर के कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर माना जाएगा कि उन्हें कुछ नहीं कहना है और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी।
मामले के वादी मनीष पांडे ने रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग को लेकर कोर्ट में अर्जी दी थी। इसमें बताया कि मां सुमन पांडे के नाम से जानकीपुरम में एलडीए से भूखंड खरीदा था। मां ने जब भूखंड बेचने का प्रयास किया तो पता चला कि किसी ने उसके जाली दस्तावेज तैयार कर उसे बैंक ऑफ महाराष्ट्र की अमीनाबाद शाखा में बंधक रख दिया। इसके बाद बैंक से 50 लाख रुपये का लोन ले लिया गया। वादी ने अर्जी में दो लोगों पर बैंक से मिलीभगत कर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया था।
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कोर्ट ने कहा कि थाना प्रभारी स्पष्ट करें कि प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिए जाने के बावजूद एक माह चार दिन बाद भी उसका पालन क्यों और किन परिस्थितियों में नहीं हुआ। तय समय पर इंस्पेक्टर के कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर माना जाएगा कि उन्हें कुछ नहीं कहना है और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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मामले के वादी मनीष पांडे ने रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग को लेकर कोर्ट में अर्जी दी थी। इसमें बताया कि मां सुमन पांडे के नाम से जानकीपुरम में एलडीए से भूखंड खरीदा था। मां ने जब भूखंड बेचने का प्रयास किया तो पता चला कि किसी ने उसके जाली दस्तावेज तैयार कर उसे बैंक ऑफ महाराष्ट्र की अमीनाबाद शाखा में बंधक रख दिया। इसके बाद बैंक से 50 लाख रुपये का लोन ले लिया गया। वादी ने अर्जी में दो लोगों पर बैंक से मिलीभगत कर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया था।
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