कोरोना के चलते संघ में फिलहाल फेरबदल नहीं, ऑनलाइन विचार-विमर्श की सलाह दी
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कोरोना के बढ़ते कहर को देखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने जुलाई में होने वाली महत्वपूर्ण बैठकों का स्वरूप बदल दिया है। साथ ही संघ के प्रचारकों के दायित्वों में कोई बड़ा फेरबदल न करने का फैसला किया है। बशर्ते कोई तात्कालिक परिस्थिति न आ जाए।
प्रांत प्रचारकों को सलाह दी गई है कि बहुत जरूरी होने पर ही प्रवास करें। सामान्य कामों और तात्कालिक मुद्दों पर निर्णय के लिए ऑनलाइन विचार-विमर्श को प्राथमिकता दें।
संघ के कामकाज और नीति-निर्धारण की दृष्टि से अखिल भारतीय स्तर पर होने वाली प्रतिनिधि सभा, अखिल भारतीय प्रचारक और कार्यकारी मंडल की बैठकें महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। प्रतिनिधि सभा की बैठक सामान्यत: होली के आसपास होती है। प्रचारक बैठक जुलाई में और कार्यकारी मंडल की बैठक दीपावली के आसपास होती है।
संघ के प्रचारकों की जिम्मेदारी में फेरबदल की दृष्टि से जुलाई में होने वाली बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है, पर इस बार कोरोना के चलते मार्च में होने वाली प्रतिनिधि सभा की बैठक स्थगित कर दी गई थी। प्रचारकों की बैठक का भी स्वरूप बदल दिया गया।
बड़ी जुटान न करने की सलाह दी
सूत्रों के मुताबिक, संघ के शीर्ष नेतृत्व ने तय किया है कि फिलहाल कहीं कोई बड़ी जुटान न की जाए। प्रांत प्रचारकों की प्रांतीय स्तर पर हर साल होने वाली बैठकें भी न करके इन्हें विभाग (तीन-चार जिला) स्तर पर करने का फैसला किया गया है, जिससे संख्या काफी कम हो जाए और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके।