अयोध्या मामले पर मुलायम पर नहीं दर्ज होगा केस
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अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलाने का आदेश देने की बात स्वीकार करने पर सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग वाली अर्जी को खारिज करने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली निगरानी याचिका एडीजे इरफान खान ने खारिज कर दी।
कोर्ट ने निगरानी याचिका को कमजोर करार देते हुए कहा कि घटना अयोध्या की है और जनसभा गोंडा व मैनपुरी में हुई है।
अर्जी खारिज करने वाले आदेश से साफ पता चलता है कि निचली अदालत ने सारे तथ्यों को देखने के बाद कानूनी प्रावधानों के तहत आदेश पारित किया है। इसमें किसी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।
वहीं, निगरानी याचिका का विरोध करते हुए सरकारी वकील शशि पाठक ने तर्क दिया कि घटना लखनऊ जिले के बाहर की है, ऐसी स्थिति में निचली अदालत के आदेश में कोई त्रुटि नहीं है।
मुलायम ने एक सभा के दौरान किया स्वीकार
गौरतलब है कि राना संग्राम सिंह उर्फ अनुपम भारती ने वर्ष 2014 में सीजेएम के समक्ष सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग वाली अर्जी देकर बताया था कि 6 फरवरी 2014 को मैनपुरी के करहल व गोंडा की जनसभा में मुलायम सिंह यादव ने स्वीकार किया कि उन्होंने कारसेवकों पर गोली चलाने का आदेश दिया था।
सीजेएम ने सुनवाई के बाद 23 अगस्त 2014 को यह अर्जी खारिज कर दी थी। वादी राना संग्राम सिंह ने सीजेएम के 23 अगस्त के आदेश को सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी।