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अखिलेश की घोषणओं को भी अफसरों ने लगाया पलीता
महेंद्र तिवारी/लखनऊ
Updated Thu, 24 Oct 2013 12:07 AM IST
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करीब पांच महीने पूर्व राजधानी में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घोषणा की थी कि उद्यमियों से जुड़े मामलों में निर्णय एक सप्ताह में हो जाने चाहिए।
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मगर उद्यमियों की ज्यादातर मांगों पर कार्यवाही फाइलों में उलझ कर रह गई है।
अफसरों के रवैये से हैरान उद्यमियों ने लंबित मांगों पर कार्यवाही और दिए गए आश्वासन की याद दिलाने के लिए मुख्यमंत्री से समय मांगा है।
उधर, उद्योगों से जुड़ी फाइलें समयबद्ध ढंग से निस्तारित करने के लिए प्रस्तावित इंडस्ट्रियल गारंटी एक्ट भी फाइलों में ही उलझ कर रह गया है।
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) ने 22 मई को राजधानी में उद्यमी महासम्मेलन का आयोजन किया था। इसमें आईआईए ने उद्यमियों की चर्चा से निकली करीब 39 सूत्रीय मांगों पर कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को प्रत्यावेदन सौंपा था।
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उद्यमियों का कहना है कि इनमें से चार को छोड़कर बाकी अधर में लटके हैं। कई मांगों को लेकर विभागीय प्रमुख सचिवों व सचिवों के साथ कई-कई दौर की मुलाकात व वार्ता हो चुकी है। सिद्धांत रूप से अधिकारी सहमत भी हैं।
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बावजूद इसके निर्णय नहीं लिए जा रहे हैं। इससे उद्यमी हताश हैं। सूत्रों के अनुसार आईआईए ने सीएम को पत्र लिखकर पूरी स्थिति से अवगत कराया है।
उद्यमियों का कहना है कि प्रत्यावेदनों का निस्तारण राग-द्वेष से मुक्त होकर करना चाहिए। यदि शासन को लगता है कि कोई मांग उचित नहीं है तो उसे कारण स्पष्ट करते हुए निरस्त कर देना चाहिए लेकिन लटकाना उचित नहीं है।
गौरलतब है कि प्रमुख सचिव लघु उद्योग ने भी घोषणा की थी कि सरकार उद्योगों के समयबद्ध काम के लिए अलग से एक गारंटी एक्ट (इंडस्ट्रियल गारंटी एक्ट) लाने पर विचार कर रही है लेकिन इस एक्ट का भी कोई अता-पता नहीं है।
तब क्या कहा था मुख्यमंत्री ने
महा सम्मेलन में उद्यमियों ने शासन में तेजी से निस्तारित होने के लिए भेजी जाने वाली फाइलें पांच-पांच, छह-छह महीने तक लटकाने और उद्यमियों की पहचान उनके ‘जेब’ देखकर करने की शिकायत की थी।
मुख्यमंत्री ने तब आईएएस अफसरों को आगाह किया था कि वे क्लर्कों की सलाह से काम करना बंद कर दें। फाइलें अनावश्यक लटकाने का रवैया छोड़ दें।
उन्होंने अड़ंगेबाज अफसरों को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए आगाह किया था कि जिसके पास ज्यादा फाइलें पेंडिंग होने की शिकायत आएगी तो बड़ी कार्रवाई होगी।
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