रेलवे: अब अनारक्षित काउंटर से नहीं मिलेंगे एसी के टिकट
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पहली जुलाई से ट्रेनों की एसी श्रेणी के टिकट अनारक्षित टिकट काउंटरों पर नहीं मिलेंगे। आरक्षण केंद्र या आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर जाकर ही रिजर्वेशन कराना होगा। जीएसटी के नाम पर रेलवे बोर्ड अन्य यात्री सुविधाओं में भी कटौती कर रहा है। इसके तहत पहली जुलाई से सर्कुलर जर्नी टिकट नहीं बनाए जाएंगे।
आरक्षण केंद्रों पर क्लस्टर टिकटों की सुविधा भी खत्म की जा रही है। हालांकि अनरिजर्व्ड टिकट सिस्टम (यूटीएस) पर इसे जारी रखा जाएगा। वहीं, नई व्यवस्था के तहत सफर पर जाने और वापसी के अलग-अलग टिकट बुक करवाने होंगे। पहली जुलाई से जीएसटी लागू हो रहा है। इसके तहत रेलवे बोर्ड ने ये बदलाव किए हैं।
रेलवे बोर्ड में डिप्टी डायरेक्टर (पैसेंजर मार्केटिंग) रोहित कुमार ने बताया कि इस बाबत सर्कुलर जारी किया गया है। इसमें क्रिस को सॉफ्टवेयर अपडेट करने को कहा गया है तथा जोनल रेलवे को आवश्यक बदलाव के निर्देश दिए गए हैं। कॉमर्शियल इंस्पेक्टर स्टेशनों पर जीएसटी लागू होने की जांच करेंगे और रिपोर्ट बोर्ड को भेजेंगे।
एसी श्रेणी के टिकटों पर टैक्स का बढ़ेगा बोझ
एसी श्रेणी के टिकटों पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगेगा। अभी इन पर 4.5 प्रतिशत टैक्स लग रहा है। अगर किसी पैसेंजर ने एडवांस में रिजर्वेशन करा रखा है तो उस पर जीएसटी लागू नहीं होगा।
डिप्टी डायरेक्टर (पैसेंजर मार्केटिंग) रोहित कुमार ने बताया कि पहली जुलाई से एसी श्रेणी के टिकट की कुल दर पर जीएसटी लगाया जाएगा, न कि बेसिक फेयर पर।
यानी सुपरफास्ट चार्ज, रिजर्वेशन फीस वगैरह जुड़ने के बाद टिकट की जो कुल कीमत होगी, उस पर जीएसटी लगाया जाएगा और यह राउंड ऑफ में लिया जाएगा। मसलन, अगर टिकट की कीमत 262.25 रुपये होती है तो यात्री से 263 रुपये वसूले जाएंगे।
नए नियमों से यात्रियों में आक्रोश
रेलवे के नए नियमों को लेकर यात्रियों में आक्रोश है। यात्री सुविधा समिति के अमित पांडेय ने बताया कि यह रेलवे की खुली लूट है। जब साढ़े चार प्रतिशत टैक्स था तो यूटीएस से एसी टिकट बन रहे थे। अब पांच प्रतिशत होने पर यूटीएस से एसी टिकट बनवाने की सुविधा खत्म कर रहे हैं, आखिर क्यों। बढ़े हुए टैक्स के साथ यूटीएस पर भी एसी टिकट बनाए जाएं।