फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Nirmohi Akhara demanded a mediating meeting away from Ayodhya 

निर्मोही अखाड़े ने सुप्रीम कोर्ट से की है अयोध्या से दूर मध्यस्थता बैठक की मांग

Wed, 27 Mar 2019 06:07 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, अयोध्या
अमर उजाला ब्यूरो, अयोध्या Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 27 Mar 2019 06:07 AM IST
विज्ञापन
Nirmohi Akhara demanded a mediating meeting away from Ayodhya 
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अयोध्या विवाद में चल रही मध्यस्थता के बीच नया मोड़ आ गया है। निर्मोही अखाड़ा ने सोमवार को शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर पैनल में दो जजों की मांग करते हुए सुनवाई अयोध्या की जगह दिल्ली या किसी तटस्थ स्थान पर कराने की मांग की है। इस पर अन्य हिंदू व मुस्लिम पक्षकारों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मामला अयोध्या से जुड़ा है तो सुनवाई भी यहीं होनी चाहिए। 

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने आठ मार्च को अयोध्या विवाद मध्यस्थता के जरिए हल करने के लिए एक पैनल गठित करने का आदेश दिया था। इसके अध्यक्ष जस्टिस एफएम इब्राहिम कलीफुल्ला समेत आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर व वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीराम पांचू ने यहां 13 मार्च को सुनवाई की थी और अगली सुनवाई की तिथि 27 से 29 मार्च तय की थी।  
विज्ञापन


इस बीच निर्मोही अखाड़ा ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका देकर मध्यस्थता पैनल में दो और सेवानिवृत्त जजों को शामिल करने व मध्यस्थता की बैठक अयोध्या के बजाय दिल्ली या किसी तटस्थ स्थान पर कराने की मांग की है। उसकी दलील है कि अयोध्या सुरक्षित जगह नहीं है। यहां मामले से जुड़े लोगों को धमकियां मिल सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अर्जी में मांग की गई है कि चूंकि अयोध्या मामले में निर्मोही अखाड़ा व सुन्नी वक्फ बोर्ड ही मुख्य पक्षकार हैं इसलिए दोनों की सीधी बातचीत हो। निर्मोही अखाड़ा के अधिवक्ता तरुणजीत वर्मा ने बताया कि निर्मोही अखाड़ा के पंचों की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में सुझाव याचिका दायर की गई है। 
 

कांग्रेस के इशारे पर दी गई याचिका : धर्मदास

हिंदू पक्षकार महंत धर्मदास ने कहा कि याचिका कांग्रेस के इशारे पर दी गई है। सुनवाई के लिए अयोध्या से मुफीद कोई जगह नहीं है, अयोध्या पूरी तरह सुरक्षित भी है। मुसलमान पहले ही मुकदमा हार चुके हैं, ऐसी अर्जी डालने वाले सिर्फ मामले को लटकाना चाहते हैं। 

हर आदमी को विचार रखने की स्वतंत्रता: त्रिलोकीनाथ
-सखा रामलला त्रिलोकीनाथ पांडेय ने कहा कि यह पहले ही सिद्ध हो चुका है कि यही रामजन्मभूमि है। मंदिर कई हो सकते हैं लेकिन, जन्मभूमि कई नहीं होती। हम सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हैं। निर्मोही अखाड़ा की अर्जी पर निर्णय देना, न देना कोर्ट के हाथ में है।

अयोध्या में ही हो मध्यस्थता पर चर्चा: सुरेश दास
-दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास ने चुटकी लेते हुए कहा कि विवाद दिल्ली का नहीं बल्कि अयोध्या का है, इसलिए मध्यस्थता पर चर्चा अयोध्या में ही होनी चाहिए। मामले में केवल निर्मोही अखाड़ा ही पार्टी नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अयोध्या में सिर्फ राममंदिर का ही निर्माण होगा।

पैनल भी ठीक, सुनवाई की जगह भी सुरक्षित: इकबाल
-मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि मध्यस्थता के लिए गठित किए गया पैनल ठीक है, इसमें किसी और को शामिल करने की जरूरत नहीं है। पैनल मामले के जल्द समाधान का मार्ग प्रशस्त करे। अयोध्या पूरी तरह सुरक्षित है सुनवाई यहीं होनी चाहिए। 

बाहर सुनवाई पर आने-जाने का कौन देगा खर्च: हाजी
-मुस्लिम पक्षकार हाजी महबूब ने कहा कि यह तो ठीक है कि सुन्नी वक्फ बोर्ड से ही सीधी बात होनी चाहिए। लेकिन अयोध्या के बाहर सुनवाई होने पर वहां आने-जाने का खर्च कौन देगा। निर्मोही अखाड़ा के चाहने से कुछ नहीं होगा। हम सुप्रीम कोर्ट का निर्णय मानेंगे।

अयोध्या में नहीं तो क्या पाकिस्तान में होगा सुलह-समझौता: विहिप
-विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कि रामलला विराजमान को हाईकोर्ट ने स्वीकार किया है। हमें तो मध्यस्थता शब्द ही गलत लगता है, फिर भी हम सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हैं। मामला अयोध्या का है तो क्या सुलह-समझौता पाकिस्तान में होगा।

आज से शुरू होगी सुनवाई
-अयोध्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित मध्यस्थता पैनल 27 मार्च से पुन: सुनवाई करेगा। मध्यस्थता पैनल के अध्यक्ष जस्टिस एफएम इब्राहिम कलीफुल्ला, श्री श्री रविशंकर, श्रीराम पांचू 27, 28 व 29 मार्च को एक बार फिर पक्षकारों से वार्ता करेंगे। इससे पूर्व भी 13 मार्च को पैनल ने पक्षकारों के साथ वार्ता की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed