रेप पीड़िताओं के लिए हर जिले में निर्भया सेंटर
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प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक-एक निर्भया केंद्र खोले जाएंगे। यह केंद्र जिला अस्पतालों के पास स्थापित किये जाएंगे। इन केंद्रों को इस तरह से विकसित किया जाएगा कि रेप पीड़िताओं को यहां से सभी प्रकार की मदद मिल सके।
केंद्र सरकार की इस योजना को प्रदेश में संचालित करने का जिम्मा महिला कल्याण विभाग को सौंपा गया है।
केंद्र सरकार ने यौन उत्पीड़न व घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं की मदद के लिए इस योजना की शुरुआत करते हुए प्रदेश के सभी जिलों में इन केंद्रों की स्थापना के निर्देश दिए हैं।
एफआईआर लिखवाने में मिलेगी मदद
सूबे में 75 निर्भया केंद्र स्थापित किये जाएंगे। यह केंद्र ‘रेप क्राइसेस सेंटर’ के रूप में विकसित किए जाएंगे।
इन केंद्रों में रेप की शिकार महिला को कानूनी, चिकित्सीय व मनोवैज्ञानिक सहित सभी प्रकार की मदद प्रदान की जाएगी। यही नहीं केंद्र पीड़िता को पुलिस में प्राथमिकी लिखवाने में भी मदद करेगा।
साथ ही कानूनी सहायता के लिए अच्छे अधिवक्ताओं की मदद दिलवाने में केंद्र सहयोग करेगा। पीड़िता को यदि अस्थाई निवास की जरूरत है तो केंद्र इसकी भी व्यवस्था करेगा।
केंद्र सरकार ने दिए निर्देश
केंद्र सरकार ने जो निर्देश प्रदेश को दिए हैं उसमें यह कहा गया है कि यह केंद्र जिला अस्पतालों के पास ही बनाये जाएं ताकि पीड़िता को अस्पताल के पास ही केंद्र में सभी प्रकार की मदद दी जा सके। शुरुआत में यह केंद्र किराये के भवनों में चलाये जाएंगे।
रिटायर्ड पुलिस अफसरों के हाथों में होगी कमान
निर्भया केंद्र की कमान रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों के हाथों में सौंपी जाएगी। इन केंद्रों में अवकाश प्राप्त महिला पुलिस अधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं।
यह केंद्र इस तरह विकसित किये जाएंगे ताकि एक ही स्थान पर पीड़िता को सभी प्रकार की सहायता मिल सके।