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नौ हजार से अधिक संपत्तियाें की रजिस्ट्री कर कब्जा नहीं दे रहा प्राधिकरण
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नौ हजार से अधिक संपत्तियाें की रजिस्ट्री कर कब्जा नहीं दे रहा प्राधिकरण
अतुल भारद्वाज
एक ओर एलडीए की तमाम योजनाएं बजट न होने से अटकी हैं तो दूसरी ओर वह नौ हजार से अधिक संपत्तियों की रजिस्ट्री कर कब्जा नहीं दे रहा है।
इससे उसका आवंटियों पर 1000 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। अगर एलडीए को यह रकम मिल जाए तो मोहान रोड जैसी योजना के विकास कार्यों के लिए 850 करोड़ का बजट पूरा हो सकती है।
हालांकि, इसके बाद भी अधिकारी लापरवाह बने हैं। कई मामलों में एलडीए आवंटियों के विवादों का निस्तारण नहीं कर पा रहा तो कुछ प्रकरण में आवंटी संपत्तियों के आवंटन के सालों बाद भी पूरा पैसा जमा कर रजिस्ट्री कराने को तैयार नहीं हैं।
रिकॉर्ड के मुताबिक बसंतकुंज योजना में एलडीए ने 2404 भूखंड आवंटित किए हैं। इनमें से 1393 की रजिस्ट्री बाकी है।
इसकी वजह एलडीए की ओर से जमीनों के विवाद और विकास कार्य खत्म नहीं करा पाना है। कानपुर रोड, रामनगर, गोमतीनगर विस्तार योजना के भी करीब 250 भूखंडों की रजिस्ट्री प्राधिकरण को करनी है।
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इनमें से अधिकतर की रजिस्ट्री एलडीए के कारण नहीं हो पा रही है। वहीं, 7606 फ्लैटों की रजिस्ट्री भी बाकी है। ऐसे में कुल आंकड़ा 9249 हो जाता है।
एलडीए के आकलन मुताबिक इन संपत्तियों की रजिस्ट्री हो तो बकाया और अन्य शुल्क जैसे फ्रीहोल्ड चार्ज, रखरखाव और सीवर-वाटर कनेक्शन की मद में 1000 करोड़ रुपये से अधिक जमा हो जाएंगे।
गोमतीनगर विस्तार में सबसे अधिक डिफॉल्टर
एलडीए ने पूरे लखनऊ में अब तक 18,291 फ्लैट बेचे हैं। वह इनमें से 10,685 की रजिस्ट्री कर चुका है। ऐसे में बिकने पर भी 7606 फ्लैटों की रजिस्ट्री बाकी है। इनमें से अकेले गोमतीनगर विस्तार में 1528 फ्लैटों की रजिस्ट्री कर कब्जा नहीं दिया गया है। यह हाल तब है जब यहां सभी प्रोजेक्ट में एलडीए कब्जा दे रहा है। दूसरे स्थान पर सीतापुर रोड योजना है, जहां 1,171 फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं कराई गई। वहीं, गोमतीनगर में 501 फ्लैटों की रजिस्ट्री बाकी है। कई प्रकरण में तो अभी तक केवल पंजीकरण धनराशि ही जमा है।
50 फीसदी ने ही किया ओटीएस में आवेदन
एलडीए के रिकॉर्ड मुताबिक पांच साल से अधिक समय से बकाया नहीं जमा करने वालों की संख्या 4,250 है। इनमें से 2150 ने ही ओटीएस में आवेदन किया है। यानी आधे से अधिक डिफॉल्टर अब भी रजिस्ट्री करा एलडीए का बकाया पैसा जमा करने को तैयार नहीं हैं।
बुलाई जाएगी समीक्षा बैठक
वीसी, एलडीए, अभिषेक प्रकाश ने बताया कि जिन संपत्तियों की रजिस्ट्री नहीं हुई है, उन्हें ओटीएस के चलते मौका दिया गया था। इसके बाद भी बकाया जमा कर रजिस्ट्री नहीं कराई तो आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। समीक्षा बैठक बुलाई जाएगी।
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अतुल भारद्वाज
एक ओर एलडीए की तमाम योजनाएं बजट न होने से अटकी हैं तो दूसरी ओर वह नौ हजार से अधिक संपत्तियों की रजिस्ट्री कर कब्जा नहीं दे रहा है।
इससे उसका आवंटियों पर 1000 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। अगर एलडीए को यह रकम मिल जाए तो मोहान रोड जैसी योजना के विकास कार्यों के लिए 850 करोड़ का बजट पूरा हो सकती है।
हालांकि, इसके बाद भी अधिकारी लापरवाह बने हैं। कई मामलों में एलडीए आवंटियों के विवादों का निस्तारण नहीं कर पा रहा तो कुछ प्रकरण में आवंटी संपत्तियों के आवंटन के सालों बाद भी पूरा पैसा जमा कर रजिस्ट्री कराने को तैयार नहीं हैं।
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रिकॉर्ड के मुताबिक बसंतकुंज योजना में एलडीए ने 2404 भूखंड आवंटित किए हैं। इनमें से 1393 की रजिस्ट्री बाकी है।
इसकी वजह एलडीए की ओर से जमीनों के विवाद और विकास कार्य खत्म नहीं करा पाना है। कानपुर रोड, रामनगर, गोमतीनगर विस्तार योजना के भी करीब 250 भूखंडों की रजिस्ट्री प्राधिकरण को करनी है।
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इनमें से अधिकतर की रजिस्ट्री एलडीए के कारण नहीं हो पा रही है। वहीं, 7606 फ्लैटों की रजिस्ट्री भी बाकी है। ऐसे में कुल आंकड़ा 9249 हो जाता है।
एलडीए के आकलन मुताबिक इन संपत्तियों की रजिस्ट्री हो तो बकाया और अन्य शुल्क जैसे फ्रीहोल्ड चार्ज, रखरखाव और सीवर-वाटर कनेक्शन की मद में 1000 करोड़ रुपये से अधिक जमा हो जाएंगे।
गोमतीनगर विस्तार में सबसे अधिक डिफॉल्टर
एलडीए ने पूरे लखनऊ में अब तक 18,291 फ्लैट बेचे हैं। वह इनमें से 10,685 की रजिस्ट्री कर चुका है। ऐसे में बिकने पर भी 7606 फ्लैटों की रजिस्ट्री बाकी है। इनमें से अकेले गोमतीनगर विस्तार में 1528 फ्लैटों की रजिस्ट्री कर कब्जा नहीं दिया गया है। यह हाल तब है जब यहां सभी प्रोजेक्ट में एलडीए कब्जा दे रहा है। दूसरे स्थान पर सीतापुर रोड योजना है, जहां 1,171 फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं कराई गई। वहीं, गोमतीनगर में 501 फ्लैटों की रजिस्ट्री बाकी है। कई प्रकरण में तो अभी तक केवल पंजीकरण धनराशि ही जमा है।
50 फीसदी ने ही किया ओटीएस में आवेदन
एलडीए के रिकॉर्ड मुताबिक पांच साल से अधिक समय से बकाया नहीं जमा करने वालों की संख्या 4,250 है। इनमें से 2150 ने ही ओटीएस में आवेदन किया है। यानी आधे से अधिक डिफॉल्टर अब भी रजिस्ट्री करा एलडीए का बकाया पैसा जमा करने को तैयार नहीं हैं।
बुलाई जाएगी समीक्षा बैठक
वीसी, एलडीए, अभिषेक प्रकाश ने बताया कि जिन संपत्तियों की रजिस्ट्री नहीं हुई है, उन्हें ओटीएस के चलते मौका दिया गया था। इसके बाद भी बकाया जमा कर रजिस्ट्री नहीं कराई तो आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। समीक्षा बैठक बुलाई जाएगी।