रेलवे कर्मचारियों पर मेहरबानी, मिलेंगी 9 स्पेशल लीव
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लगातार बढ़ रहे ट्रेनों के दबाव के बीच तनाव में काम कर रहे ट्रेन ड्राइवर, कंट्रोलर और गार्ड सहित सभी रेलवे कर्मचारियों को अब रेलवे योगा, मेडिटेशन और अध्यात्मिक आयोजन में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
रेलवे कर्मचारियों को आयोजनों में हिस्सा लेने के लिए साल में नौ विशेष कैजुअल लीव देगा। साथ ही यदि वह कार्यक्रम में हिस्सा लेने शहर के बाहर जाते हैं तो उनको साल में एक यात्रा का नि:शुल्क पास भी दिया जाएगा।
इस संबंध में रेलवे बोर्ड की डिप्टी डायरेक्टर प्रशिक्षण पद्मा शर्मा ने सभी जोनल मुख्यालय, आरडीएसओ, उत्पादन इकाइयों और अन्य रेलवे संस्थानों को आदेश जारी किया है।
उत्तर प्रदेश के चार जोनल मुख्यालयों उत्तर रेलवे, पूर्वोत्तर, उत्तर मध्य और ईस्ट कोस्ट रेलवे के अधीन नौ रेल मंडल आते हैं। इनमें पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ, वाराणसी, इज्जतनगर, उत्तर रेलवे के लखनऊ, मुरादाबाद, उत्तर मध्य रेलवे का इलाहाबाद, आगरा, झांसी और ईस्ट कोस्ट रेलवे का मुगलसराय रेल मंडल आता है। इन मुख्यालयों के अधीन करीब डेढ़ लाख कर्मचारियों की तैनाती है।
बढ़ा है काम का दबाव
पिछले पांच साल में ट्रेनों के बढ़ते दबाव और संरक्षा श्रेणी में लगातार कम हो रही कर्मचारियों की संख्या के कारण रेलवे कर्मचारियों पर काम का अधिक दबाव बढ़ गया है।
जिसमें सबसे अधिक रेलवे के कंट्रोलर, ट्रेन ड्राइवर, गार्ड, गैंगमैन, ट्रैकमैन, स्टेशन मास्टर, सहायक स्टेशन मास्टर अधिक तनाव में हैं। इसे देखते हुए ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन ने रेलमंत्री सदानंद गौड़ा से पहली मुलाकात में ही कर्मचारियों को तनावमुक्त करने के लिए योगा जैसी प्रणाली उनके कार्यालयों में लागू करने की मांग की थी।
इस पर रेलमंत्री के आदेश के बाद रेलवे बोर्ड ने अपने कर्मचारियों को योगा, मेडिटेशन और अध्यात्मिक आयोजनों में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है।
रेलवे कर्मचारियों को नौ स्पेशल कैजुअल लीव देगा जिसमें उनकी चार दिन की यात्रा भी शामिल होगी। अपने अधिकारियों से आयोजन में हिस्सा लेने की अनुमति हासिल करने वाले कर्मचारियों को उनके पद के अनुसार अलग-अलग श्रेणी में यात्रा करने का यात्रा पास दिया जाएगा।
कर्मचारी खुद उठाएंगे खर्च
रेलवे ने यह भी कहा है आयोजनों में हिस्सा लेने की फीस कर्मचारियों को ही वहन करना होगा। कर्मचारियों को इसके लिए यात्रा और महंगाई भत्ता भी नहीं मिलेगा।
इस बारे में उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी नीरज शर्मा का कहना है कि अभी कर्मचारियों को आयोजनों में जाने के लिए अपनी छुट्टी और एक पास देना पड़ता था। अब वह नि:शुल्क और बिना छुट्टी काटे ही हिस्सा ले सकेंगे।
वहीं ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के केंद्रीय महामंत्री शिवगोपाल मिश्र ने कहा कि रेलवे कर्मचारियों का बढ़ता तनाव उनकी कार्यप्रणाली पर बुरा प्रभाव डाल रहा था। एआईआरएफ की मांग पर आखिरकार बोर्ड ने एक बेहतर निर्णय लिया।