फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Nine more patients died in KGMU.

केजीएमयू में इलाज न मिलने से नौ और ने दम तोड़ा

Fri, 03 Jun 2016 02:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 03 Jun 2016 02:24 AM IST
विज्ञापन
Nine more patients died in KGMU.
इलाज न मिलने से बेहाल मरीज के परिवारीजन - फोटो : amar ujala

केजीएमयू में यूपीपीजीएमईई-2016 में दोबारा काउंसलिंग में पीएमएस डॉक्टरों को वरीयता देने से भड़के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के चलते चौथे दिन भी नौ मरीजों ने दम तोड़ दिया।

विज्ञापन


हड़ताल खत्म होने के बावजूद ट्रॉमा सेंटरों ने देर शाम तक इलाज शुरू नहीं हुआ। फैकल्टी जूनियर डॉक्टरों को फोन कर बुलाते रहे लेकिन वहां कोई पहुंचा नहीं था। हड़ताल खत्म होने तक लगभग 26 मरीजों की मौत हो चुकी थी।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार को जिन मरीजों की मौत हुई है उनमें सांस की बीमारी से पीड़ित मो. अरशद भी था। अरशद को बिना इलाज के ट्रॉमा सेंटर से लौटा दिया गया था। परिवारीजन उसे बलरामपुर अस्पताल ले गए। जहां उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी तरह सांस लेने में दिक्कत के चलते सुबह पांच बजे तक इंतजार करने के बाद जियालाल को परिवारीजन बलरामपुर अस्पताल ले गए जहां उसकी मौत हो गई।

वहीं, सिर की चोट के ‌इलाज के लिए आए राजेश, राधेश्याम, सिर में ट्यूमर से पीड़ित मलिहाबाद निवासी राधिका की भी समय पर इलाज न मिलने से मौत हो गई।

तीन दिन से था भर्ती दम तोड़ दिया

Nine more patients died in KGMU.

गले की हड्डी टूटने के चलते न्यूरो सर्जरी विभाग में तीन दिन से भर्ती उन्नाव के मुन्ना ने भी दम तोड़ दिया। पेट की बीमारी से पीड़ित शांति देवी, रमेश कुमार ने भी बिना इलाज के दम तोड़ दिया।

ये लौटे बिना इलाज वापस
म‌स्‍तिष्क की बीमारी का इलाज कराने लखनऊ आए कन्नौज के अवधेश दो दिन ट्रॉमा सेंटर की लॉबी में पड़े रहे। हड़ताल के कारण उन्हें बिना इलाज लौटना पड़ा।

बलिया से आए रामेंद्र कुमार पांडेय की गर्दन और छाती में चोट थी। उनके भाई अमित ने बताया कि रैन बसेरा में तीन से पड़े हैं जब भी डॉक्टर को पास जाओ हड़ताल बताकर वापस कर देते हैं।

मलिहाबाद से आए नन्हा को भी गर्दन की हड्डी में चोट के कारण ट्रॉमा सेंटर लाया गया था। कुशीनगर से शाहरुख को दिमागी बुखार का इलाज करने केलिए जाया गया था लेकिन दोनों मरीजों को बगैर इलाज के ही वापस लौटना पड़ा।

हड़तालियों पर होगी कार्रवाई

Nine more patients died in KGMU.

सीएमएस प्रो.एससी तिवारी ने बिना नोटिस के हड़ताल पर जाने वाले जूनियर डॉक्टरों पर कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रशासन को अपना पक्ष भी नहीं रखा।

गौरतलब है कि 30 मई को अचानक चिकित्सा छात्रों ने ओपीडी और ट्रॉमा सेंटर ठप करा दिया था। इसके बाद उनके समर्थन में केजीएमयू के जूनियर डॉक्टर भी गए थे।

ये जूनियर डॉक्टर वहां पहले से ही पीजी कर रहे हैं और मरीजों के इलाज में मुख्य भूमिका निभाते हैं।

इन जूनियर डॉक्टरों ने 31 मई को दोपहर बाद केजीएमयू प्रशासन को हड़ताल की सूचना दी। तब तक कई मरीजों की मौत हो चुकी थी और हजारों को मरीजों को बिना इलाज के ही वापस कर दिया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed