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मां मासूम को लिटाकर पिला रही थी दूध, सांस की नली में फंसा, मौत

Thu, 06 Sep 2018 03:51 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 06 Sep 2018 03:51 PM IST
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nine months old girl died when mother was feeding milk in lucknow
- फोटो : डेमो
लखनऊ के कैसरबाग इलाके में बुधवार को नौ माह की मासूम की मौत सांस की नली में दूध फंसने से हो गई। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि बच्ची को बेड पर लिटाकर चम्मच से दूध पिलाया जा रहा था। बेटी को खोने से मां और पिता का बुरा हाल है। 
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जानकारी के मुताबिक, कैसरबाग ख्यालीगंज के रहने वाले प्रमोद की नौ माह की बेटी खुशी की तबीयत कुछ खराब थी। उसकी मां बुधवार दोपहर दवा पिलाने बाद उसे बेड पर लिटाकर चम्मच से दूध पिला रही थी। दो-तीन चम्मच दूध पीते ही उसे हिचकी आने लगी और साथ में सांसें उखड़ने लगीं।
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तीमारदार उसे लेकर बलरामपुर अस्पताल भागे। इमरजेंसी में डॉक्टरों ने उसे भर्ती करके कार्डियो-पल्मोनरी रिससिएशन (सीपीआर) किया। करीब दस मिनट तक सीपीआर देने के बाद भी उसकी जान नहीं बची और सांसें थम गईं। डॉक्टर का कहना था कि सांस की नली में दूध फंसने से बच्ची की मौत हुई है।
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दो माह पहले ही सआदतगंज निवासी मासूम बच्चे की मां बेड पर लिटाकर दूध पिला रही थी। दूध सांस की नली में फंस गया। ट्रॉमा में करीब 20 मिनट तक डॉक्टरों ने सीपीआर किया मगर जान नहीं बची। 

बरतें, ये सावधानियां

nine months old girl died when mother was feeding milk in lucknow
बरतें सावधानी
- दो साल से कम बच्चे को कभी लिटाकर न खिलाएं।
- बच्चे को पानी, दूध व खाद्य पदार्थ बैठाकर खिलाएं।
- बच्चा छोटा हो तो उसे दाहिने पर 45 डिग्री कोण पर बैठाकर खिलाएं-पिलाएं।

डॉक्टर बोले

सांस लेने में रुकावट
सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दुबे बताते हैं कि लिटाकर खिलाने-पिलाने पर सांस नली व आहार नाल एक साथ आ जाती है। ऐसे में पेय पदार्थ सांस की नली में जाने पर सांस लेने में रुकावट होने लगती है। दो-तीन मिनट सांस रुकने से ही जान चली जाती है।
 

उल्टा कर दें थपकी
केजीएमयू के डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि श्वास नली में पेय पदार्थ जाने पर बच्चे को उल्टा करके पीठ पर ऊपर की तरफ थपकी दे। इससे श्वास नली में फंसा पेय पदार्थ बाहर निकल जाएगा। इसके बाद भी अगर न  निकले तो फौरन बच्चे को नजदीकी अस्पताल ले जाएं।

 

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