{"_id":"675d95107b59308a90049415","slug":"niharika-ventures-assets-worth-rs-2-73-crore-seized-by-ed-2024-12-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: निहारिका वेंचर्स की 2.73 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त, ईडी ने आरोपियों के पांच फ्लैट किए सील किए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: निहारिका वेंचर्स की 2.73 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त, ईडी ने आरोपियों के पांच फ्लैट किए सील किए
Sat, 14 Dec 2024 07:54 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 14 Dec 2024 07:54 PM IST
सार
सस्ती आवासीय जमीन उपलब्ध कराने के बहाने निवेशकों को धोखा देने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने निहारिका वेंचर्स की 2 करोड़ 73 लाख रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है।
विज्ञापन
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय ने मेसर्स निहारिका वेंचर्स एंड डेवलपर्स की 2.73 करोड़ रुपये कीमत की अचल संपत्ति जब्त कर लिया है। इनमें प्रयागराज में पांच फ्लैट हैं, जो आरोपियों ने दूसरे के नाम पर खरीदे थे। ये फ्लैट ओम प्रकाश द्विवेदी, अभिषेक द्विवेदी, निहारिका द्विवेदी और राधा रानी के नाम पर खरीदी गई थी।
बता दें कि ईडी ने यूपी पुलिस द्वारा विभिन्न थानों में आरोपियों के खिलाफ दर्ज कई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। जांच में पता चला कि आरोपियों ने निहारिका वेंचर्स के माध्यम से सस्ती आवासीय भूमि उपलब्ध कराने के बहाने निवेशकों को धोखा दिया।
ये भी पढ़ें - यूपी सरकार ने यमुना अथॉरिटी के चेयरमैन को पद से हटाया, अनियमितता का आरोप, कोर्ट ने दिया आदेश
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - उपचुनाव से पहले फिर मिल्कीपुर के युवाओं को सौगात, कई नामचीन कंपनियों में मिलेगी नौकरी
उन्होंने प्रयागराज, लखनऊ और नोएडा में सुनिश्चित मासिक रिटर्न और किफायती आवासीय भूखंडों का वादा करके लुभाया और निवेशकों से जुटाई रकम का दुरुपयोग व्यक्तिगत लाभ के लिए किया। उन्होंने निजी संपत्तियां खरीदीं। निवेशकों को जो चेक जारी किए, वो बाउंस हो गए। ईडी द्वारा इस मामले की जांच जारी है।
विज्ञापन
बता दें कि ईडी ने यूपी पुलिस द्वारा विभिन्न थानों में आरोपियों के खिलाफ दर्ज कई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। जांच में पता चला कि आरोपियों ने निहारिका वेंचर्स के माध्यम से सस्ती आवासीय भूमि उपलब्ध कराने के बहाने निवेशकों को धोखा दिया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - यूपी सरकार ने यमुना अथॉरिटी के चेयरमैन को पद से हटाया, अनियमितता का आरोप, कोर्ट ने दिया आदेश
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - उपचुनाव से पहले फिर मिल्कीपुर के युवाओं को सौगात, कई नामचीन कंपनियों में मिलेगी नौकरी
उन्होंने प्रयागराज, लखनऊ और नोएडा में सुनिश्चित मासिक रिटर्न और किफायती आवासीय भूखंडों का वादा करके लुभाया और निवेशकों से जुटाई रकम का दुरुपयोग व्यक्तिगत लाभ के लिए किया। उन्होंने निजी संपत्तियां खरीदीं। निवेशकों को जो चेक जारी किए, वो बाउंस हो गए। ईडी द्वारा इस मामले की जांच जारी है।