NIA करेगी यूपी विधानसभा में संदिग्ध पीईटीएन मिलने की जांच
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यूपी विधान भवन में मिले संदिग्ध पदार्थ पेंटा एरीथ्रिटाल टेट्रा नाइट्रेट (पीईटीएन) के मामले की जांच गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी है। औपचारिक आदेश मिलते ही एनआईए ने आईजी जीपी सिंह, एसपी अतुल गोयल और डॉ. बीएस वासवानी के नेतृत्व में फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम का गठन कर दिया है।
जो बृहस्पतिवार को लखनऊ पहुंचेगी और विस्फोटक मिलने वाले स्थल से जांच का काम शुरू करेगी। इसके साथ ही एनआईए इस मामले में हजरतगंज थाने में दर्ज केस भी अपने यहां ट्रांसफर करेगी।
12वें दिन गृह विभाग ने सौंपी एनआईए को जांच
यूपी विधानसभा में 12 जुलाई को सुबह नौ बजे सफाई के दौरान सीट नंबर 80 के कुशन के नीचे से 150 ग्राम संदिग्ध पदार्थ मिला था। इसे लखनऊ फॉरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा गया था जहां उसे खतरनाक प्लास्टिक विस्फोटक पीईटीएन बताया गया था।
इसे मुख्यमंत्री ने 14 जुलाई को विधानसभा में इसे खतरनाक साजिश करार देते हुए एनआईए से जांच कराए जाने का एलान किया था। इसी दिन गृह विभाग ने केंद्र सरकार को एनआईए से जांच कराने के लिए पत्र भेज दिया था। लेकिन तीन दिन बाद आगरा लैब से आई कथित रिपोर्ट ने संदिग्ध पदार्थ के पीईटीएन होने पर सवाल ही खड़ा कर दिया। इस रिपोर्ट को लेकर काफी बवाल हुआ लेकिन आज तक इसे सार्वजनिक नहीं किया गया।
गृह विभाग ने कहा, आगरा नहीं भेजा कोई सैंपल
गृह विभाग की ओर से कहा गया था कि कोई जांच आगरा भेजी ही नहीं गई है। जबकि इस मामले में पत्राचार की डिटेल मीडिया में आने के बाद डीजीपी के आदेश पर आंतरिक जांच की गई जिसमें सैंपल आगरा भेजने की बात सामने आई थी।
इस दौरान 19 जुलाई को यूपी एटीएस ने नये सिरे से जांच के लिए सैंपल केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला, हैदराबाद भेजा। जहां से अब तक हैदराबाद से कोई रिपोर्ट नहीं आई है।