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यूपी विधानसभा में मिले पीईटीएन पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं NIA, अफसर दे रहे हैं ये जवाब

Tue, 29 Aug 2017 10:02 AM IST
ब्यूरो//अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो//अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 29 Aug 2017 10:02 AM IST
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NIA on alleged PETN found in Uttar Pradesh assembly.
- फोटो : amar ujala

यूपी विधानभवन में संदिग्ध पाउडर मिलने की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। ऐसे में यह मामला ठंडे बस्ते में पहुंच गया है।

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एनआईए ने विधानभवन की सीट नंबर 80 पर लगी प्लाइवुड को उखाड़ कर जांच के लिए केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) चंडीगढ़ भेजा था। एनआईए के अफसरों का कहना है कि इसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने पर उसका अध्ययन किया जाएगा। फिर किसी निष्कर्ष पर पहुंचेंगे। वहीं, वे सीएफएसएल, हैदराबाद की रिपोर्ट पर भी कुछ कहने से बच रहे हैं।
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सूत्रों का कहना है कि यूपी एटीएस ने कथित पाउडर जांच के लिए सीएफएसएल, हैदराबाद भेजी थी। इसकी रिपोर्ट जुलाई के अंत में एनआईए ने ले ली थी। चूंकि इस मामले में पहले ही काफी विवाद हो चुका है, इसलिए एनआईए के अधिकारी अब फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं।

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विधि विज्ञान प्रयोशाला, लखनऊ के डायरेक्टर पर कार्रवाई नहीं

NIA on alleged PETN found in Uttar Pradesh assembly.

शुरुआती जांच में संदिग्ध पाउडर को खतरनाक विस्फोटक पीईटीएन बताने वाले विधि विज्ञान प्रयोशाला, लखनऊ के डायरेक्टर पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आगरा लैब की रिपोर्ट को लेकर हुए विवाद के बाद डीजीपी सुलखान सिंह ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला के डायरेक्टर की जांच कराई थी और रिपोर्ट गृह विभाग को भेजा था।

प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार का कहना है कि इस मामले में यथासमय उचित कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि इस मामले को पहले ही इतना तूल दिया जा चुका है कि अब पीछे हटने में अधिकारी भी असहज महसूस कर रहे हैं।

...तो राज्य को वापस हो जाएगा केस
सूत्रों कहना है, सीएफएसएल चंडीगढ़ की रिपोर्ट अगर निगेटिव आती है तो कोई शिड्यूल ऑफेंस नहीं बनेगा। ऐसे में एनआईए इस केस की जांच को बंद कर इसे वापस प्रदेश की जांच एजेंसी को सौंप सकती है, जहां पहले यह मामला दर्ज हुआ था।

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