विधान सभा के मुख्यद्वार की सुरक्षा में ही निकली खामियां, एनआईए ने लगाई फटकार
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विधानसभा के मंडप में मिले संदिग्ध विस्फोटक पदार्थ की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को विधानभवन का मुआयना किया। लगभग एक दर्जन एनआईए अधिकारी व कर्मी दिन में 12 बजे विधानसभा पहुंचे और दो घंटे तक मुआयना किया।
एनआईए के अधिकारी सबसे पहले विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे से मिले। इसके बाद मार्शल मनीष चंद्र राय के साथ विधानसभा के मंडप के अंदर पहुंचे और बारीकी से एक-एक चीज का जायजा लिया। इस दौरान मंडप के अंदर खुलने वाले विभिन्न द्वारों के बारे में एनआईए के अधिकारियों ने जानकारी ली।
एनआईए के अधिकारियों को बताया गया कि दोनों ओर सत्ता पक्ष व विपक्ष की लॉबी है जिसमें विधायक और मंत्री आकर अक्सर बैठते हैं। इन दोनों लॉबी में और कौन-कौन से दरवाजे खुलते हैं इसके बारे में भी एनआईए के अधिकारियों ने जानकारी ली।
मालूम हो कि 12 जुलाई को विधानसभा में मिले संदिग्ध पाउडर के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले की जांच एनआईए से कराने का एलान किया था। 27 जुलाई को एनआईए ने केस दर्ज कर नए सिरे से जांच शुरू की है।
सुरक्षा इंतजामों पर जताई नाराजगी
एनआईए के अधिकरी मुख्यभवन के मुख्यद्वार पर लगे डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) को देखकर सुरक्षा कर्मियों को फटाकर लगाई। दरअसल इस द्वार पर लगे डीएफएमडी के दोनों ओर डेढ़-डेढ़ फिट का स्पेस है जिससे लोग आ जा रहे थे। सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों से एनआईए के अधिकारियों ने पूछा कि क्या यही है आपकी सुरक्षा व्यवस्था? क्या डीएफएमडी ऐसा ही होता है? यहां तो लोग डीएफएमडी के बीच से आ ही नहीं रहे हैं।
...सामने की ओर तो कोई कैमरा ही नहीं
लगभग डेढ़ घंटे तक विधानभवन के अंदर पूरा मुआयना करने के बाद एनआईए की टीम के लोग बाहर आए और मुख्यद्वार से बाहर आकर पूरी बिल्डिंग का जायजा लेने लगे। यहां भी एक नंबर गेट को सुरक्षा मानकों से कमजोर बताया। वहीं भवन के सामने के भाग में कैमरे न होने पर भी आश्चर्य व्यक्त किया।
एक अधिकारी ने कहा कि जो कैमरे लगे हैं वह रोड की ओर लगे हैं अंदर मुख्य द्वार के आसपास भी कैमरे होने चाहिए। एनआईए की टीम में डीआईजी एनआईए प्रशांत कुमार, एसपी एनआईए अतुल गोयल, एसपी एटीएस उमेश चंद्र श्रीवास्तव, विधानसभा के मार्शल मनीष कुमार राय, फारेंसिक एक्सपर्ट डॉ. बीएस वासवानी, विस्फोटक पदार्थ के मामलों के विशेषज्ञ और चंडीगढ़ केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के विशेषज्ञ साथ में थे।
एनआईए अपने स्तर से करा सकती है संदिग्ध पदार्थ की जांच
एनआईए की टीम के साथ चंडीगढ़ केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के विशेषज्ञ साथ में हैं। इसलिए माना जा रहा है कि संदिग्ध पदार्थ का सैंपल जांच के लिए चंडीगढ़ लैब भेजा जा सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि एनआईए के अधिकारियों ने नहीं की है।
संबंधित विभाग के सभी प्रमुख से बात की
एनआईए के अधिकारियों ने जांच शुरू करने से पहले संबंधित विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की और कथित पीईटीएन के मसले पर चर्चा की। विधानसभा के प्रमुख सचिव के अलावा प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार और पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह से एक दिन पहले ही मुलाकात कर चुके थे।
एनआईए की आईडी पर मिलेगा विधानभवन में प्रवेश
एनआईए के अधिकारियों को विधानभवन में प्रवेश के लिए एनआईए की ओर से जारी की गई आईडी दिखानी होगी। इस संबंध में मार्शल की ओर से मुख्य सुरक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं। एनआईए के अधिकारियों की गाड़ियों के नंबर भी दिए गए हैं जिनके लिए अस्थायी पास बनाए गए हैं। मालूम हो कि विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश के बाद सचिवालय की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और एक हजार से अधिक पास निरस्त किए जा चुके हैं और बिना अधिकृत पास के किसी को भी अंदर नहीं आने दिया जा रहा है। यहां तक की एडीजी और प्रमुख सचिव स्तर तक के अधिकारियों को सुरक्षा कर्मी लौटा दे रहे हैं।