लक्ष्मी चौहान को 45 घंटे बाद उसका लाल मिल गया। इंदिरानगर बाल महिला अस्पताल में बेसुध पड़ी लक्ष्मी की जान में जान आ गई। मां के हाथ में उसका बच्चा पहुंचा तो वह उसे अपने से लिपटा बस उसका माथा ही चूमती रही...।
मां की ममता ने कराया जुर्म, अपनी सूनी कोख भरने के लिए चुरा लिया दूसरे का बच्चा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लक्ष्मी का परिवार पहले बच्चे की खुशी घर जाकर मनाने की सोच ही रहा था कि इस घटना ने उन्हें आंसुओं में डुबो दिया। पर जैसे ही लक्ष्मी को उसका बच्चा मिला वह खुशी से रो पड़ी। कभी उसकी माथा चूमती तो कभी सीने से लगा लेती।
लक्ष्मी कहती हैं, दो दिन बीतने के बाद उम्मीद छूटती जा रही थी। मां लक्ष्मी और पिता अमित चौहान के साथ परिवारीजनों की भी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पिता अमित चौहान की भी खुशी का ठिकाना न रहा। नवजात के वापस मिलने की खबर सुनते ही रिश्तेदार और परिवारीजन अस्पताल पहुंच गए। नवजात के अस्पताल आते ही परिवारीजनों के साथ भर्ती अन्य मरीज व तीमारदार भी खुशियां मनाने में जुट गए। बच्चे की बुआ अंजू व ताऊ ने पूरे अस्पताल में मिठाई बांटी और भगवान को धन्यवाद दिया।
इस सवाल का जवाब समाज को तलाशना होगा....
45 घंटे ही रह सकी मां...आखिर ममता के बदले क्यों मिली जेल
एसएसपी मंजिल सैनी बताती हैं कि बच्चे का सुराग गोमतीनगर मिठाईलाल चौराहा के पास चमरही में मिला। पुलिस ने छापेमारी कर बच्चा चोरी करने वाली आरती कश्यप के साथ बच्चे को बरामद किया। इंस्पेक्टर दीपक दुबे के मुताबिक आरती की शादी तीन साल बाराबंकी के गुड़ियन का पुरवा निवासी लवकुश से हुई। लखनऊ में यह परिवार उजरियांव में रहता। पति मजदूरी करता, आरती भी कुछ घरों में काम करती है। एक साल पहले उसे बेटा पैदा हुआ लेकिन उसकी मौत हो गई। दूसरी बार गर्भवती हुई तो गर्भ गिर गया। इसके चलते वह अवसाद में रहने लगी। परिवार और सामाजिक तानों से परेशान होकर उसने बच्चा चोरी करने का मन बना लिया।
बस फफक पड़ी...मां सुनने की लालसा ने करा दिया जुर्म
आरती पकड़े जाने पर फफक पड़ी-बस मां सुनने की लालसा ने मुझसे ये जुर्म करा दिया। दो साल से मैं इंदिरानगर बीएमसी जा रही थी। बच्चा नहीं था इसलिए वहीं से इलाज चल रहा था। वहां छोटे बच्चों को मां की गोद में देख मन होता कि मेरा भी एक बच्चा हो... जिससे मैं खेल सकूं। पति के काम पर जाने के बाद अकेलापान महसूस करती...। मुझे लगा कि बच्चा अस्पताल से ही मिल सकता है। इसके लिए वार्ड के चक्कर लगाती।
मोहल्ले में बताया ये मेरा बच्चा है
आरती ने अपने मोहल्ले में सबको बताया था कि वो गर्भवती है। उसने सबको यही बताया कि वह उसका बच्चा है। आरती के पास अचानक बच्चा आने पर स्थानीय लोगों को शक हुआ और अस्पताल से बच्चा चोरी होने की खबर ने उनके शक को गहरा कर दिया। इसके बाद लोगों को लगा कि कहीं न कहीं कुछ तो गड़बड़ है जिसके बाद दो युवक अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले का खुलासा कर दिया।