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डॉक्टर करते रहे एक्सपेरीमेंट और ले ली मासूम की जान
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 31 Jan 2015 12:56 PM IST
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केजीएमयू में भर्ती एक नवजात का इलाज हर डॉक्टर अपने हिसाब से करता रहा। मासूम की हालत खराब होती गई।
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16 दिन के इलाज के बाद गुरुवार को उसकी मौत हो गई। परिवारीजनों का आरोप है कि बाल रोग वार्ड में जिसको जो मन आया वैसे ही इलाज किया और मौत के बाद हस्ताक्षर करने का दबाव बनाने लगे।
राजाजीपुरम के विजय कुमार की पत्नी सोनी रावत (29) ने 15 जनवरी को अलीगंज बीएमसी में एक शिशु को जन्म दिया।
विजय कुमार ने बताया कि बच्चे को सांस लेने में समस्या के बाद उसी दिन केजीएमयू के बाल रोग वार्ड में उसे भर्ती कराया गया।
16 दिन के इलाज के बाद गुरुवार को उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने बिना हस्ताक्षर शव देने से मना कर दिया और शव को मर्च्युरी में रखवा दिया।
परिवारीजनों को शव शुक्रवार को दिया गया। बच्चे के इलाज में डॉक्टरों की लापरवाही से नाराज परिवारीजनों ने मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी में शिकायत की है। परिवारीजनों का कहना है कि उनको इंसाफ नहीं मिला तो वो कोर्ट जाएंगे।
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