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आईआईटी रुड़की तैयार करेगा अयोध्या के रामलला का 'खास' पंडाल

Wed, 19 Aug 2015 11:49 AM IST
Updated Wed, 19 Aug 2015 11:49 AM IST
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 new tent for ram lala temple will ready in iit roorkee

अयोध्या की श्रीराम जन्मभूमि में जिस पंडाल के नीचे रामलला की प्रतिमा रखी है अब उस पंडाल को अब बदला जा रहा है। यह पंडाल अब एक नए तरीके और विशेषता वाला होगा।

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब अयोध्या में रामलला के मेक शिफ्ट स्ट्रक्टर को उच्च तकनीक से बने तिरपाल से संवारा जाएगा। इसके लिए आईआईटी रुड़की के इंजीनियरों की ओर से बनाए गए खासे महंगे तिरपाल का आर्डर दिया गया है।
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इंजीनियरों ने इस तिरपाल को न सिर्फ वॉटर और फायर प्रूफ बनाया है। बल्कि हल्की मार झेलने की क्षमता भी है। इससे बंदरों की उछल-कूद से होने वाली क्षति अब नहीं हो सकेगी।
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गौरतलब है कि मेक शिफ्ट स्ट्रक्टर का तिरपाल जुलाई, 2014 में तीन साल के लिए बदला गया था। लेकिन यह छह माह में ही कई जगहों से फट गया। रिसीवर और ऑब्जर्वर की ओर से आंधी-तूफान में बल्ली की कील की जगह से फटने की रिपोर्ट दी गई थी।

बाद में बंदरों की उछल-कूद से ये और फट गया। जिससे बारिश का पानी अंदर टपकने लगा। ऑब्जर्वर की हर माह के दूसरे रविवार होने वाली नियमित निरीक्षण रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने 10 अगस्त को फैजाबाद के कलेक्टर और दो स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की निगरानी में मरम्मत कराने की मंजूरी दी थी।

रुढ़की भेजा गया प्रस्ताव

 new tent for ram lala temple will ready in iit roorkee

इसके बाद फैजाबाद मंडल के कमिश्नर व विवादित परिसर के रिसीवर सूर्य प्रकाश मिश्र की ओर से फटा तिरपाल बदलने के लिए इस बार बेहतर क्वालिटी के निर्देश गए। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के इंजीनियरों ने प्रस्ताव भेजा कि उनके यहां निर्मित तिरपाल हाई क्वालिटी का है।

इसके फटने का कोई संकट नहीं है। आग लगने पर भी कोई नुकसान नहीं हो सकता। बारिश से लेकर ओले पडऩे पर भी कोई असर नहीं पड़ सकता। बांस-बल्ली पर कसा तिरपाल बोझ भी उठा सकता है।

रामलला के मेक शिफ्ट स्ट्रक्चर को बंदरों की उझल-कूद से अधिक नुकसान की बात कही गई थी। इस बाबत इंजीनियरों ने स्पष्ट कहा है कि आईआईटी रुड़की में बना खास किस्म के इस तिरपाल पर बंदरों का कोई असर नहीं पड़ेगा।

अब आईआईटी रुड़की के प्रस्ताव को स्वीकार करके 80 गुणे 40 फीट में विराजमान रामलला के लिए इस तिरपाल का आर्डर दिया जा रहा है। इसकी कीमत 11 लाख 40 हजार बताई जा रही है। लेकिन पूरा स्ट्रक्टर बनने में दो माह का वक्त लग सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब 80 गुणे 40 फीट मेक शिफ्ट स्ट्रक्चर (गर्भ गृह) का फटा तिरपाल बदला जाना है। इस बार आईआईटी रुड़की से मॉडर्न तकनीक पर बने तिरपाल का आर्डर भेजा गया है। ताकि नियत अवधि से पहले कटने-फटने की गुंजाइश न रहे। इसकी कीमत 11.40 लाख रुपये बताई गई है। जो फायर प्रूफ, वाटर प्रूफ होने के साथ हल्की मार झेलने की झमता रखता है। (सूर्य प्रकाश मिश्र, कमिश्नर व रिसीवर आरजेबी परिसर)

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