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Lucknow News: केजीएमयू में नई तकनीक से फेफड़ों की बीमारी की पहचान होगी आसान
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केजीएमयू।
लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के चेस्ट मेडिसिन विभाग ने फेफड़ों की बीमारियों की जांच के लिए अत्याधुनिक रेडियल ईबस तकनीक शुरू की है। विभाग के अनुसार, प्रदेश में यह सुविधा शुरू करने वाला यह पहला सरकारी विभाग है। नई तकनीक से फेफड़ों के अंदर गहराई में मौजूद छोटी गांठों और संदिग्ध घावों की पहचान पहले से अधिक सटीक तरीके से की जा सकेगी।
चिकित्सक डॉ. दर्शन बजाज ने बताया कि कई बार फेफड़ों में मौजूद छोटी गांठों तक पहुंचना और उनकी बायोप्सी चुनौतीपूर्ण होती है। रेडियल ईबस तकनीक से डॉक्टर सही स्थान तक आसानी से पहुंच सकेंगे और सटीक नमूना ले सकेंगे। डॉ. बजाज ने बताया कि आने वाले समय में थायरॉयड शील्ड और विशेष हेडगियर जैसी अतिरिक्त सुरक्षा सुविधाएं भी शामिल की जाएंगी।
विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत ने कहा कि यह केवल नई तकनीक की शुरुआत नहीं, बल्कि बेहतर मरीज सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे केजीएमयू में फेफड़ों के रोगों की जांच और उपचार सुविधाएं और मजबूत व बेहतर होंगी।
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चिकित्सक डॉ. दर्शन बजाज ने बताया कि कई बार फेफड़ों में मौजूद छोटी गांठों तक पहुंचना और उनकी बायोप्सी चुनौतीपूर्ण होती है। रेडियल ईबस तकनीक से डॉक्टर सही स्थान तक आसानी से पहुंच सकेंगे और सटीक नमूना ले सकेंगे। डॉ. बजाज ने बताया कि आने वाले समय में थायरॉयड शील्ड और विशेष हेडगियर जैसी अतिरिक्त सुरक्षा सुविधाएं भी शामिल की जाएंगी।
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विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत ने कहा कि यह केवल नई तकनीक की शुरुआत नहीं, बल्कि बेहतर मरीज सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे केजीएमयू में फेफड़ों के रोगों की जांच और उपचार सुविधाएं और मजबूत व बेहतर होंगी।
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