राज्य गो सेवा आयोग ने गृह विभाग को दिया निर्देश , गोवध, गो-तस्करी रोकने को बनेगी नई योजना
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सरकार को गोवध, गो-तस्करी पर पूर्ण प्रतिबंध व गोवंश के प्रति क्रूरता रोकने के लिए नए सिरे से कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने छुट्टा गोवंश के समुचित रखरखाव के काम में सुस्ती पर चिंता जताई है। कहा, शासन ने गोवंश के रखरखाव के संबंध में जो निर्देश दिए हैं, उनका कड़ाई से पालन नहीं हो रहा है।
निराश्रित गोवंश की समस्या का अब तक आंशिक समाधान ही हो पाया है। पूर्ण समाधान के लिए शासन के निर्देशों पर फोकस बढ़ाकर कार्रवाई की जरूरत है। आयोग ने प्रति गोवंश रोजाना भरण-पोषण के लिए दिए जा रहे 30 रुपये को बढ़ाने की जरूरत बताई।
गो- तस्करी रोकने के लिए बने अनुश्रवण प्रकोष्ठ
राज्य गो सेवा आयोग ने गोवध, गो तस्करी रोकने के लिए प्रदेश मुख्यालय पर अनुश्रवण प्रकोष्ठ की स्थापना का सुझाव दिया है। जिलों में इन कार्यों के लिए अलग से प्रभारी अधिकारी नियुक्ति करने की सिफारिश की गई है।
इन्हें ऐसे मामलों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार बनाए जाएगा। आयोग ने गृह विभाग को इस संबंध में कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ पुलिस व प्रशासनिक अफसरों की बैठक में गोवध पर पूर्ण प्रतिबंध के संबंध में कड़ी कार्रवाई के निर्देश देते रहे हैं।
बीते दिनों राज्य गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम नंदन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में गोवध व गो तस्करी पर पूर्ण प्रतिबंध को लेकर चर्चा हुई। बैठक में मुरादाबाद मंडल में निराश्रित गोवंश की संख्या में कमी का उल्लेख करते हुए इसके कारण तलाशने की जरूरत बताई गई।
आशंका भी जताई गई कि कहीं गोवंश का चोरी छिपे वध तो नहीं किया जा रहा है? आयोग ने प्रति गोवंश रोजाना भरण-पोषण के लिए दिए जा रहे 30 रुपये में वृद्धि के संबंध में औचित्यपूर्ण प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। इस संबंध में आयोग के सदस्य कृष्ण कुमार सिंह उर्फ भोले सिंह से भी विचार-विमर्श करने को कहा गया है।