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जनसेवा केंद्र संचालकों का नए सिरे से होगा चयन
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 08 Sep 2014 03:27 PM IST
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सरकार ने जनसेवा केंद्रों के संचालकों का चयन नए सिरे से करने का फैसला किया है। छह माह में चयन की कार्यवाही पूरी कर केंद्रों का संचालन नए लोगों को सौंप दिया जाएगा।
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आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग ने इस संबंध में कार्यवाही शुरू कर दी है। प्रदेश में अभी 16 हजार से अधिक जनसेवा व लोकवाणी केंद्र संचालित हैं।
इनके माध्यम से लोगों को आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र समेत दो दर्जन से अधिक सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। लोकवाणी केंद्रों का संचालन गांव के स्थानीय लोग करते हैं। इनका चयन डीएम करते हैं।
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स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार देने में लोकवाणी का प्रयोग सफल रहा है। बड़ी संख्या में युवाओं को इससे स्वरोजगार मिला है। पर, शासन ने लोकवाणी के सफल प्रयोग को आगे बढ़ाने की जगह प्राइवेट एजेंसियों के सहारे इन सेवाओं को सुलभ कराने की नीति अपनाई।
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जानकार बताते हैं कि जिलों में एक ही एजेंसी को सभी जनसेवा केंद्रों की जिम्मेदारी देने से सेवाओं में किसी तरह की प्रतिस्पर्धा तो नहीं रही। नतीजा ये हुआ कि इससे केंद्र खोलने वाली एजेंसियां तो मालामाल हुईं लेकिन वहां काम करने वाले लोकवाणी की तरह फायदा नहीं मिला।
सीएम की अध्यक्षता में कैबिनेट ने पिछले दिनों मौजूदा जनसेवा केंद्रों का संचालन करने वाली प्राइवेट एजेंसियों का कार्यकाल छह माह इस शर्त के साथ बढ़ाया कि इस बीच इन केंद्रों के संचालन के लिए नए लोगों का चयन कर लिया जाएगा।
चयन प्रक्रिया की नियम व शर्तें नए सिरे से तय की जाएंगी। इससे हजारों युवाओं को लाभ मिलेगा।