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रद्द हो सकता है बैनामा, मुकदमा भी दर्ज होगा
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 14 Aug 2013 07:10 PM IST
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गरीब और कमजोर वर्ग से या फिर विवादित संपत्तियों की धोखे से रजिस्ट्री कराना अब लोगों को भारी पड़ेगा।
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पहले शिकायतकर्ताओं को ऐसे मामले में कोर्ट का सहारा लेना पड़ता था, लेकिन अब प्रदेश में नई व्यवस्था लागू कर दी गई है।
इसके मुताबिक ऐसे मामलों की जांच अब सहायक महानिरीक्षक (निबंधन) करेंगे और दो माह में फैसला देंगे। इस संबंध में मंगलवार को शासनादेश जारी कर दिया गया है।
स्टांप एवं पंजीयन मंत्री राजा महेंद्र अरिदमन सिंह ने बताया कि रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने और दुर्बल वर्ग के हितों की रक्षा के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।
इससे फर्जी दस्तावेज व साक्ष्यों के आधार पर धोखे से संपत्तियों की रजिस्ट्रियां कराना लोगों को भारी पड़ेगा। ऐसी रजिस्ट्री की शिकायत जिलों के सहायक महानिरीक्षक (निबंधन) के यहां की जा सकेगी।
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शिकायत के आधार पर जांच अधिकारी रजिस्ट्री करने वाले व साक्षियों को नोटिस जारी करेगा। नोटिस मिलने के बाद संबंधित व्यक्ति को निर्धारित समय पर अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा।
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जांच अधिकारी जरूरत पड़ने पर निबंधनकर्ता अधिकारी (सब रजिस्ट्रार) को साक्ष्य के लिए बुला सकेगा।
जांच अधिकारी प्रत्येक प्रकरण की जांच दो माह में पूरी करेगा। दो नोटिस के बाद यदि पक्षकार उपस्थित नहीं होते हैं तो जांच अधिकारी उपलब्ध अभिलेखों, साक्ष्यों व गवाही का परीक्षण कर एकपक्षीय आदेश जारी कर देगा।