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केजीएमयू में नए डिप्लोमा कोर्स अगले सत्र से, यहां देखें पूरी डिटेल
Thu, 03 Oct 2019 01:04 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
चंद्रभान यादव/अमर उजाला, लखनऊ
चंद्रभान यादव/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Oct 2019 01:04 PM IST
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केजीएमयू में जल्द कई नए डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स शुरू होंगे। इसकी तैयारी हो चुकी है और अगले सत्र से इन्हें शुरू कर दिया जाएगा। इन कोर्स के जरिये केजीएमयू प्रशासन दोहरा लाभ उठाने की तैयारी में है। इससे एक ओर छात्रों से फीस मिलेगी तो दूसरी तरफ इनसे अस्पताल की सेवाएं भी ली जा सकेंगी।
ये कोर्स इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंस और फैकल्टी ऑफ मेडिकल साइंस संकाय में शुरू होंगे। चार अक्तूूबर को हो रही कार्य परिषद की बैठक में इन्हें मंजूरी दी जाएगी। इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंस में डिप्लोमा इन एक्सरे टेक्नीिशियन, सीसी स्कैन, सेनिटेशन, रेडियोथेरैपी टेक्नीशियन, फिजियोथैरेपी, ओटी टेक्नीशियन, आप्टोमेट्री, एमआरआई टेक्नीशियन, लैबोरेटरी टेक्नशियन, इमरजेंसी एंड ट्रॉमा केयर, डायलिसिस टेक्नीशियन, ट्रांसफ्यूजन टेक्नीशियन, कार्डियोलॉजी टेक्नीनिशयन के दो वर्षीय कोर्स चल रहे हैं।
लैबोरेटरी टेक्नीशियन की 80 और एक्सरे टेक्नीशियन की 60 सीटें हैं। अन्य सभी डिप्लोमा कोर्स में 30-30 सीटें हैं। अब केजीएमयू प्रशासन डिप्लोमा इन एनेस्थिसिया एंड क्रिटिकल केयर डिप्लोमा भी शुरू करने जा रहा है। इसकी 30 सीटें होंगी। यह प्रदेश में पहली बार शुरू होगा। इंटरमीडिएट जीव विज्ञान से उत्तीर्ण छात्रों को प्रवेश परीक्षा के जरिये इस कोर्स में प्रवेश मिलेगा। यह कोर्स भी दो साल का होगा।
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ये कोर्स इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंस और फैकल्टी ऑफ मेडिकल साइंस संकाय में शुरू होंगे। चार अक्तूूबर को हो रही कार्य परिषद की बैठक में इन्हें मंजूरी दी जाएगी। इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंस में डिप्लोमा इन एक्सरे टेक्नीिशियन, सीसी स्कैन, सेनिटेशन, रेडियोथेरैपी टेक्नीशियन, फिजियोथैरेपी, ओटी टेक्नीशियन, आप्टोमेट्री, एमआरआई टेक्नीशियन, लैबोरेटरी टेक्नशियन, इमरजेंसी एंड ट्रॉमा केयर, डायलिसिस टेक्नीशियन, ट्रांसफ्यूजन टेक्नीशियन, कार्डियोलॉजी टेक्नीनिशयन के दो वर्षीय कोर्स चल रहे हैं।
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लैबोरेटरी टेक्नीशियन की 80 और एक्सरे टेक्नीशियन की 60 सीटें हैं। अन्य सभी डिप्लोमा कोर्स में 30-30 सीटें हैं। अब केजीएमयू प्रशासन डिप्लोमा इन एनेस्थिसिया एंड क्रिटिकल केयर डिप्लोमा भी शुरू करने जा रहा है। इसकी 30 सीटें होंगी। यह प्रदेश में पहली बार शुरू होगा। इंटरमीडिएट जीव विज्ञान से उत्तीर्ण छात्रों को प्रवेश परीक्षा के जरिये इस कोर्स में प्रवेश मिलेगा। यह कोर्स भी दो साल का होगा।
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चिकित्सा संस्थान में सात नए कोर्स
चिकित्सा संकाय में सात नए सर्टिफिकेट और फेलोशिप पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी है। ये सभी पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स होंगे। इसमें पोस्ट ग्रेजुएट फेलोशिप इन स्ट्राबिज्मस एंड पीडियाट्रिक आप्थमोलॉजी, फेलोशिप इन पीडियाट्रिक आर्थोपेडिक्स, पोस्ट ग्रेजुएट फेलोशिप इन ओक्यूलोप्लास्टी, पोस्ट ग्रेजुएट फेलोशिप इन पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी, पीडीसीसी इन क्रिटिकल केयर, पोस्ट डीएम फेलोशिप इन इंटरवेन कार्डियोलॉजी, फेलोशिप इन जिरियाटिक मेंटल हेल्थ है।
मरीजों को प्रशिक्षित स्टाफ मिल सकेगा
डीन पैरामेडिकल संकाय, प्रो. विनोद जैन ने बताया कि डिप्लोमा इन एनेस्थिसिया एंड क्रिटिकल केयर अभी प्रदेश में किसी संस्थान में नहीं है। इसका कोर्स केजीएमयू प्रशासन ने डिजाइन किया है। इस कोर्स के शुरू होने से क्रिटिकल केयर वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों को प्रशिक्षित स्टाफ मिल सकेगा।
यह वेंटिलेटर मशीनों की निगरानी के साथ मरीजों के बारे में स्टाफ को जानकारी देते रहेंगे। इससे क्रिटिकल केयर में भर्ती होने वाले मरीजों की देखभाल के लिए चिकित्सक और नर्सिग स्टाफ के बाद पैरामेडिकल स्टाफ भी रहेगा। इसी तरह चिकित्सा संकाय में नए कोर्स होने से प्रशिक्षण के साथ ही मरीजों का भी लाभ होगा।
मरीजों को प्रशिक्षित स्टाफ मिल सकेगा
डीन पैरामेडिकल संकाय, प्रो. विनोद जैन ने बताया कि डिप्लोमा इन एनेस्थिसिया एंड क्रिटिकल केयर अभी प्रदेश में किसी संस्थान में नहीं है। इसका कोर्स केजीएमयू प्रशासन ने डिजाइन किया है। इस कोर्स के शुरू होने से क्रिटिकल केयर वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों को प्रशिक्षित स्टाफ मिल सकेगा।
यह वेंटिलेटर मशीनों की निगरानी के साथ मरीजों के बारे में स्टाफ को जानकारी देते रहेंगे। इससे क्रिटिकल केयर में भर्ती होने वाले मरीजों की देखभाल के लिए चिकित्सक और नर्सिग स्टाफ के बाद पैरामेडिकल स्टाफ भी रहेगा। इसी तरह चिकित्सा संकाय में नए कोर्स होने से प्रशिक्षण के साथ ही मरीजों का भी लाभ होगा।