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राजधानी में बनेंगे मेट्रो के दो नए कॉरिडोर
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 10 Mar 2014 08:07 AM IST
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शहर के प्रमुख चिकित्सालयों, शैक्षणिक संस्थानों, न्यायालयों और प्रमुख स्थलों को मेट्रो जोड़ने के लिए कॉरिडोर की संख्या बढ़ाई जाएगी।
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इसकी कवायद शुरू हो चुकी है। जल्द ही यह साफ हो जाएगा कि मेट्रो के कितने कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इनके बनने के बाद मेट्रो का दायरा भी बढ़ेगा और इस पर आने वाला खर्च भी।
राजधानी में मेट्रो के लिए अभी सिर्फ दो कॉरिडोर तय हैं। इनमें एक अमौसी से मुंशी पुलिया तक नार्थ साउथ कॉरिडोर और दूसरा चारबाग से बसंत कुंज तक ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर है।
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इन दोनों कॉरिडोर से पुराने लखनऊ के कई प्रमुख इलाकों सहित नए लखनऊ के तमाम इलाके मेट्रो की पहुंच से वंचित हो रहे थे।
इन इलाकों में गोमती नगर, सुलतानपुर रोड, शहीद पथ और चकगंजरिया शामिल हैं। इन इलाकों के लोगों को भी मेट्रो का लाभ दिलाने के लिए एलएमआरसी अब अल्टरनेटिव कॉरिडोर बनाएगा।
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इसके लिए दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन को सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है।
इसके कारण ही शुक्रवार और शनिवार को डीएमआरसी की टीम ने एलएमआरसी के इंजीनियरों के साथ शहर के उन इलाकों का दौरा किया जो अभी मेट्रो के प्रस्तावित रूट से अलग थे।
इनमें नाका, अमीनाबाद, रकाबगंज, पाण्डेयगंज, नक्खास, मेडिकल कालेज चौराहा, फैजाबाद रोड पालीटेक्निक चौराहा, हाईकोर्ट नया परिसर, इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, हुसड़िया चौराहा, वृंदावन कालोनी व कानपुर रोड आदि प्रमुख रूट हैं।
नए इलाकों को मेट्रो से जोड़ने पर इस पर आने वाली लागत भी बढ़ेगी। एलएमआरसी के प्रबंध निदेशक भी कहते हैं कि नए इलाके जब मेट्रो रूट से जुड़ेेंगे तो मेट्रो का दायरा और खर्च दोनों बढ़ेगा।
अभी सिर्फ मेट्रो नार्थ साउथ कॉरिडोर को ही केंद्र सरकार से मंजूरी मिली है। ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर को मंजूरी का इंतजार है।