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UP: चेकलिस्ट से अपराधों की विवेचना होगी बेहतर, लापरवाही पर लगेगी रोक, जज ने प्रयासों को सराहा

Fri, 23 May 2025 01:26 PM IST
ishwar ashish जनार्दन मिश्र, अमर उजाला, लखनऊ
जनार्दन मिश्र, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 23 May 2025 01:26 PM IST
सार

यूपी में पुलिस महानिदेशक अभियोजन की ओर से अपराधों की विवेचना के लिए चेकलिस्ट जारी की गई है। जिससे लापरवाही पर रोक लगेगी। इसे नए कानूनों, फोरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों की नई व्यवस्था के अनुरूप तैयार किया गया है।

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New checklist issued investigation crimes now negligence curbed High Court appreciated efforts
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उच्च न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस महानिदेशक अभियोजन ने अपराधों की विवेचना को बेहतर बनाने के लिए चेकलिस्ट जारी की है। यह विवेचना के दौरान फोरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों को संकलित करने, संरक्षित करने और आवश्यकता पड़ने पर पेश करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसे सभी जिलों को भेजा गया है।

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उच्च न्यायालय इलाहाबाद में सुभाष चंद्र बनाम उप्र राज्य के मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने महानिदेशक अभियोजन और उनकी टीम के प्रयासों की प्रशंसा की है। न्यायालय ने कहा कि विस्तृत चेकलिस्ट से आपराधिक मामलों की विवेचना की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
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डीजी अभियोजन दीपेश जुनेजा ने बताया कि नए कानूनों में पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए प्रावधानों को और सख्त व व्यवस्थित किया गया है। अपराधों की विवेचना में लापरवाही से अभियुक्त को लाभ मिलने की आशंका बढ़ जाती है। इससे निपटने और पीड़ित को जल्द न्याय दिलाने में चेकलिस्ट का योगदान अहम रहेगा। पॉक्सो, दुष्कर्म के मामलों, जघन्य हत्याओं की विवेचना में सुधार भी आएगा। डीएनए साक्ष्यों के संकलन, संरक्षण और साइबर मामलों में डिजिटल साक्ष्यों के संकलन की प्रक्रिया भी बेहतर होगी।

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इन अधिकारियों ने किया सहयोग

डीजी अभियोजन दीपेश जुनेजा की टीम में 11 आईपीएस अधिकारियों व 10 अभियोजन अधिकारियों ने सहयोग किया। इनमें एडीजी वीके सिंह, डीके ठाकुर, एंटनी देवकुमार, विजय सिंह मीणा, एन. रविंद्र, नवीन अरोड़ा, पद्मजा चौहान, रमित शर्मा, नीलाब्जा चौधरी, आईजी उपेंद्र अग्रवाल, अब्दुल हमीद, अभियोजन के अपर निदेशक अतुल कुमार ओझा, संयुक्त निदेशक कुंवर विक्रम सिंह, संजय कुमार टंडन, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी रामेंद्र मोहन मिश्रा, इल्तमास अहमद, दिनेश द्विवेदी, अजय कुमार, अजय कांत कनौजिया, सहायक अभियोजन अधिकारी विपर्णा गौड़ व शुभम दीक्षित शामिल हैं।

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